द फाॅलोअप टीम, रांच
कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर स्वर्णरेखा नदी के साथ ही कई नदी घाटों पर श्रद्धालुओं ने आज स्नान किया व भगवान सत्यनारायण की कथा सुनी। सूर्योदय के पूर्व ही यहां लोगों ने नदी में स्नान कर पूजा-अर्चना शुरू कर दिया था। हालाकि इस बार बढ़ते कोरोना के संक्रमण और ठंड के कारण कम भीड़-भाड़ देखने को मिली लेकिन लोगों की आस्था सिर चढ़ कर बोल रही थी।
हिन्दू धर्म में कार्तिक पूर्णमा का विशेष महत्व
हिंदू धर्म में व्रत, त्योहार और स्नान का विशेष महत्व है लेकिन कार्तिक पूर्णमा का और ज्यादा महत्व बताया जाता है। इस विशेष पर्व पर गंगा और सरोवर में स्नान कर पुण्य प्राप्ति करने की परंपरा रही है। आज रांची के स्वर्ण रेखा के तटों पर सूर्योदय से पहले ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गयी थी। यही नहीं कई पोखर और तालाबों पर भी स्नान करने के लिए लोग जुटे। स्नान के बाद भक्त रोहिणी नक्षत्र में स्नान-दान भी करते देखे गए। जानकारों की मानें तो कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान के साथ ही दीप दान का महत्व होता है, हालाकि लोग गंगा ना जा पाने की स्थिति में किसी भी नदी के तट पर डुबकी लगाने के बाद बहते पानी में दीप दान करते हैं।
कार्तिक पूर्णिमा पर मनाई जाती है देव दीपावली और गुरुनानक जयंती
कार्तिक पूर्णिमा पर देव दीपावली का पर्व मनाया जाता है। इस दिन असंख्य दीपकों के साथ काशी गंगा घाट ऐसे प्रतीत होते हैं, जैसे मानो स्वर्ग धरती पर उतर आया हो। कार्तिक पूर्णिमा के दिन देव दीपावली, तुलसी और देव दीपावली गुरुनानक देव का प्रकाश 551वां प्रकाशोत्सव भी मनाया जाता है।