द फॉलोअप डेस्क:
कॉकरोच जनता पार्टी ने केंद्र सरकार को मंगलवार तक का अल्टीमेटम दिया है। सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि यदि छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए और उन्हें न्यायिक हिरासत से रिहा नहीं किया गया तो जंतर-मंतर पर दोबारा आंदोलन होगा। आशुतोष रांका ने कहा कि 25 जुलाई को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में सहमति बनी थी कि प्रदर्शनकारियों और संगठनों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लिया जाएगा। कोई नया केस दर्ज नहीं किया जायेगा। इस समझौते को लिखित में मंत्रियों को सौंपा गया था और वादा किया गया था कि समझौते की कॉपी मंगलवार तक सीजेपी के साथ शेयर की जायेगी।
???? CJP spokesperson Ashutosh Ranka says the government was supposed to share the written agreement on withdrawal of FIRs against protesters and assurance of no fresh cases by Tuesday after both sides’ lawyers review the draft.
— Hemant Rajaura (@hemantrajora_) July 27, 2026
He warns that if the agreement is not shared and…
सरकार को मंगलवार तक का अल्टीमेटम
आशुतोष रांका ने कहा कि हम समझौते की कॉपी का इंतजार कर रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि सरकार की ओर से वरीय मंत्रियों की मौजूदगी में हुए समझौते का पालन किया जायेगा। सीजेपी ने कहा कि यदि समझौते का उल्लंघन करके दोबारा मुकदमा दर्ज किया गया या किसी की गिरफ्तारी की गई और पुराने मुकदमे मंगलवार तक वापस नहीं लिए गये तो कॉकरोच जनता पार्टी जंतर मंतर पर दोबारा आंदोलन करने को बाध्य होगी। दरअसल, बिहार में 500 से ज्यादा छात्रों को हिरासत में लिया गया है। दंगा भड़काने की कोशिश के आरोपों में जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेजप्रताप यादव भी बेऊर जेल में बंद हैं।

कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार से ये मांगा
दरअसल, बीते 25 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी ने इस शर्त पर तत्काल प्रभाव से अपना आंदोलन खत्म किया था कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमें वापस लिए जाएंगे। उनके खिलाफ कोई नया मुकदमा दर्ज नहीं होगा और ना ही किसी को गिरफ्तार किया जायेगा। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ यह आंदोलन खत्म हो गया था, लेकिन रिपोर्ट्स आ रही हैं कि देशभर में अलग-अलग स्थानों पर छात्रों को हिरासत में लिया जा रहा है।