द फॉलोअप डेस्क:
58 विधायकों और 20 सांसदों की बगावत के बाद टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के आवास पर सीआईडी के पहुंचने से पश्चिम बंगाल की सियासत में हलचल है। मंगलवार को दोपहर करीब 4 बजे सीआईडी की एक टीम पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीम लीडर ममता बनर्जी के आवास पर पहुंची। बताया जाता है कि अधिकारी उनके आवासीय कार्यालय की तलाशी लेने पहुंचे हैं। जानकारी मिली है कि सीआईडी के अधिकारियों ने यह साफ किया है कि ममता बनर्जी के आवास की तलाशी नहीं ली जा रही है। बताया जा रहा है कि टीएमसी की ओर से विधानसभा में नेता विपक्ष के प्रस्ताव पर कथित तौर पर जाली हस्ताक्षर की जांच के सिलसिले में सीआईडी की टीम ममता बनर्जी के घर पहुंची।
???? #BREAKING: CID team arrives in large numbers at Mamata Banerjee’s Kalighat residence for search related to the Signature Forgery Case.
— आनंद गुप्ता (@aanandsg) June 9, 2026
Video shows heavy presence of officers outside the premises.#WestBengal #MamataBanerjee #SignCase pic.twitter.com/XIjdp3Fh5r
टीएमसी के खिलाफ क्या शिकायत हुई है
दरअसल, टीएमसी ने ममता बनर्जी के भतीजे और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी को सदन में नेता विपक्ष बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया था जिसमें टीएमसी विधायकों के हस्ताक्षर लिए गये। आरोप है कि इसमें 2 विधायकों के जाली हस्ताक्षर किए गये थे। उन्हीं 2 में से एक विधायक के नेतृत्व में टीएमसी के 58 विधायकों ने बगावत कर दी।

सांसदों-विधायकों की बगावत से बढ़ी मुश्किल
पश्चिम बंगाल में सत्ता गंवाने के बाद ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के लिए मुश्किलें बढ़ती जा रही है। एक ओर जहां चुनाव बाद विधायकों, सांसदों और पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व के खिलाफ नाराजगी के स्वर उठे तो वहीं दूसरी तरफ ममता बनर्जी के 80 में से 58 विधायकों ने बगावत कर दी तो वहीं लोकसभा में 20 विधायकों ने टीएमसी से अलग होकर एनडीए के समर्थन देने का फैसला किया। बागी विधायकों और सांसदों का आरोप है कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी का रवैया तानाशाही पूर्ण हो गया था, और पार्टी फोरम में किसी की बात नहीं सुनी जा रही थी।