द फॉलोअप डेस्क
असम, तेजपुर की मशहूर लीची अब दुबई और सिंगापुर के बाजार तक पहुंचेगी। ये घोषणा शनिवार को तेजपुर लीची फेस्टिवल का दूसरा संस्करण शुरू होने के दौरान की गई। इसमें किसान, खरीदार, उद्यमी और कृषि विशेषज्ञ एक साथ आए ताकि इस इलाके के मशहूर फल को दिखाया जा सके और बाज़ार के नए मौकों का पता लगाया जा सके। बता दें कि तेजपुर के ज़िला लाइब्रेरी ऑडिटोरियम में आयोजित इस दो-दिन के फेस्टिवल का मकसद लीची उगाने वालों के लिए बाज़ार तक पहुंच को बेहतर बनाना और प्रगतिशील किसानों व कृषि-उद्यमियों को सम्मानित करना है। सोणितपुर के ज़िला कमिश्नर और आयोजन समिति के अध्यक्ष आनंद कुमार दास ने कहा, "लगभग एक टन लीची दुबई भेजी जाएगी, जबकि एक और खेप कल सिंगापुर भेजी जाएगी। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी लगभग 100 पैकेट भेजेंगे। कल हमने मुख्यमंत्री को भी लीची भेजी थी। हमें उम्मीद है कि इस फेस्टिवल के ज़रिए तेजपुर को दुनिया भर में और ज़्यादा पहचान मिलेगी।"

20 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खरीदार हिस्सा ले रहे हैं
इस कार्यक्रम में 50 से ज़्यादा प्रदर्शक, लगभग 30 किसान और किसान उत्पादक संगठन (FPO), और कम से कम 20 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खरीदार हिस्सा ले रहे हैं। इसमें प्रदर्शनी, तकनीकी सत्र और खरीदार-विक्रेता के बीच बातचीत शामिल है। उद्घाटन सत्र सुबह 10 बजे शुरू हुआ। इसकी शुरुआत पद्मनाथ गोहैन बरुआ को श्रद्धांजलि देकर की गई, जिन्हें तेजपुर में लीची की बेहतर किस्में लाने का श्रेय दिया जाता है। इसके बाद औपचारिक रूप से दीप जलाया गया। इस कार्यक्रम में सोणितपुर के सांसद रंजीत दत्ता और विधायक अशोक सिंघल समेत कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।

'वैल्यू एडिशन' पर जोर
बागवानी में 'वैल्यू एडिशन' (मूल्य संवर्धन) के महत्व पर बात करते हुए दत्ता ने कहा, "मैंने फ्रीज़-ड्राइंग तकनीक से अनानास और लीची के चिप्स जैसे उत्पाद बनते देखे हैं। अगर लीची और अनानास का उत्पादन बढ़ता है, तो ऐसे उद्योग भी बढ़ेंगे, जिससे किसानों और उद्यमियों के लिए नए मौके पैदा होंगे।" यह फेस्टिवल 7 जून को भी जारी रहेगा। इसमें 'फूड टेक्नोलॉजी और लीची' पर एक खास सत्र होगा, जिसके बाद लीची की खेती और जियोग्राफ़िकल इंडिकेशन (GI) टैगिंग के फ़ायदों पर एक वर्कशॉप होगी। दूसरे दिन लीची के बागों का दौरा, खाना बनाने का प्रदर्शन और लीची से बने उत्पादों को चखने का सत्र भी होगा। कार्यक्रम का समापन शाम को विदाई समारोह और पुरस्कार वितरण समारोह के साथ होगा।
