द फॉलोअप डेस्क
महाराष्ट्र में उद्धव गुट को शुक्रवार को जोरदार झटका लगा है। चुनाव आयोग ने एकनाथ शिंदे गुट को असली शिवसेना मानते हुए शिवसेना का नाम और तीर-कमान के निशान के इस्तेमाल की इजाजत दे दी। आयोग के अनुसार शिवसेना का मौजूदा संविधान अलोकतांत्रिक है। उद्धव गुट ने बिना चुनाव कराए अपनी मंडली के लोगों को अलोकतांत्रिक रूप से पदाधिकारी नियुक्त करने के लिए इसे बिगाड़ा है। चुनाव आयोग के इस फैसले के साथ ही शिवसेना से अब उद्धव गुट की दावेदारी खत्म मानी जा रही है। इधर, महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने इसे कार्यकर्ताओं, सांसदों, विधायकों, जनप्रतिनिधियों और लाखों शिवसैनिकों सहित बालासाहेब और आनंद दीघे की विचारधाराओं की जीत करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की जीत है। यह देश बाबासाहेब अंबेडकर की ओर से तैयार किए गए संविधान पर चलता है। चुनाव आयोग का आदेश मेरिट के आधार पर आया है। वहीं, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि वह पहले दिन से आश्वस्त थे। असली शिवसेना एकनाथ शिंदे की शिवसेना बनी है।

देश में लोकतंत्र खत्म हो गया- उद्धव
चुनाव आयोग के इस फैसले पर उद्धव ठाकरे ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र खत्म हो गया है। चुने हुए प्रतिनिधि ही तय करेंगे कि पार्टी किसकी है तो संगठन का क्या मतलब रहेगा। उन्होंने चुनाव आयोग के फैसले को लोकतंत्र के लिए घातक बताया। कहा, देश में सरकार की दादागीरी चल रही है। हिम्मत है तो चुनाव मैदान में आइये, चुनाव लड़िए। जनता बताएगी कि कौन असली है और कौन नकली है।

पहले ही स्क्रिप्ट हो गई थी तैयार
शिवसेना सांसद संजय राउत ने चुनाव आयोग के फैसले पर ट्वीट करते हुए कहा कि इसकी स्क्रिप्ट पहले से ही तैयार थी। देश तानाशाही की ओर बढ़ रहा है। आगे उन्होंने लिखा कि कहा गया था कि नतीजा हमारे पक्ष में होगा, लेकिन अब एक चमत्कार हो गया है। लड़ते रहो। ऊपर से नीचे तक करोड़ों रुपए पानी की तरह बहाया है। हमें फिक्र करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि जनता हमारे साथ है। हम जनता के दरबार में नया चिह्न लेकर जाएंगे। फिर से शिवसेना खड़ी करके दिखाएंगे। ये लोकतंत्र की हत्या है।

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