द फॉलोअप डेस्क
23 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा फेसबुक और इंस्टाग्राम पर साझा किया गया एक वीडियो मंगलवार को कुछ समय के लिए फेसबुक से हट गया, जिसके बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया। इस वीडियो में पीएम मोदी ने पेपर लीक मामलों पर सरकार की सख्त कार्रवाई और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया था। वीडियो हटने के बाद भाजपा नेताओं ने सोशल मीडिया कंपनी मेटा की राजनीतिक निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल उठाये। बढ़ते विवाद के बीच मेटा ने सफाई देते हुए कहा कि स्वचालित कंटेंट फिल्टर में तकनीकी गड़बड़ी के कारण वीडियो गलती से हट गया था। कंपनी ने इसे एक सिस्टम एरर बताया। 
सोशल मीडिया कंपनियों पर संसद की नजर
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के नियमन और यूजर्स की सुरक्षा को लेकर संसद की स्थायी समिति ने अब प्रमुख डिजिटल कंपनियों को बैठक के लिए बुलाया है। संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी समिति ने आगामी 3 अगस्त को मेटा समेत कई बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों के प्रतिनिधियों को तलब किया है। बैठक में मेटा (फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप), गूगल, एक्स और स्नैपचैट के प्रतिनिधियों के अलावा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और गृह मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल होंगे। 
निजता और सार्वजनिक व्यवस्था पर होगी चर्चा
संसदीय समिति की बैठक में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर महिलाओं, बच्चों, किसानों, ग्रामीणों, श्रमिकों और आम नागरिकों की निजता की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही सोशल मीडिया के जरिए सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही सुनिश्चित करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श होगा।