द फॉलोअप डेस्क
ओडिशा की 5 पंचायतों को अब राष्ट्रीय राष्ट्रीय स्तर पर अलग से पहचाना जायेगा। पंचायती राज मंत्रालय ने इन पंचायतों को सम्मानित करने की घोषणा की है। इन 5 पंचायतों को दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार (DDUPSVP) और नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार (NDPSPVP) 2025 के तहत प्रतिष्ठित पुरस्कारों के लिए चुना गया है। भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक सूचना के अनुसार, ये पुरस्कार उन पंचायतों को दिए गए हैं जिन्होंने सतत ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों में बेहतरीन काम किया है।

इन पंचायतों को मिला सम्मान
पुरस्कार जीतने वाली ग्राम पंचायतों में, गंजाम जिले के छत्रपुर ब्लॉक की पोतालमपुर ग्राम पंचायत ने 'स्वस्थ पंचायत' श्रेणी में तीसरा स्थान हासिल किया। क्योंझर जिले के चंपुआ ब्लॉक की पाडुआ ग्राम पंचायत को जल संसाधन प्रबंधन और स्थिरता के क्षेत्र में किए गए प्रयासों के लिए 'जल-पर्याप्त पंचायत' श्रेणी में तीसरा स्थान दिया गया। 'स्वच्छ और हरित पंचायत' श्रेणी में, सुंदरगढ़ जिले के लाठीकटा ब्लॉक की हातीबांध ग्राम पंचायत ने दूसरा स्थान हासिल किया। यह पुरस्कार राज्य के बाहर की एक अन्य पंचायत के साथ संयुक्त रूप से साझा किया गया। इसी तरह, गंजाम जिले के पोलासारा ब्लॉक की मंदार ग्राम पंचायत ने 'सामाजिक रूप से न्यायसंगत और सामाजिक रूप से सुरक्षित पंचायत' श्रेणी में दूसरा स्थान हासिल किया। यह पुरस्कार भी संयुक्त रूप से साझा किया गया।

उपलब्धियों का व्यापक प्रचार-प्रसार होगा
ग्राम पंचायत पुरस्कारों के अलावा, गंजाम जिला पंचायत ने नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार के तहत 'सर्वोत्तम जिला पंचायत' श्रेणी में दूसरा स्थान हासिल करके राष्ट्रीय पहचान बनाई। पंचायती राज मंत्रालय ने ओडिशा सरकार से अनुरोध किया है कि वह पुरस्कार जीतने वाली पंचायतों की उपलब्धियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करे और उनकी सफलता की कहानियों को सतत और समावेशी ग्रामीण विकास के मॉडल के रूप में साझा करे।
