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असम के सुनहरे रेशम को दुनिया भर में चमकाने के लिए 411 करोड़ रुपये का बूस्ट, मिशन स्नेहजोरी के तहत पहल 

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द फॉलोअप डेस्क 

केंद्र सरकार और असम सरकार ने मंगलवार को 'मिशन स्नेहजोरी' लॉन्च किया। यह 411 करोड़ रुपये का एक बड़ा प्रोग्राम है, जिसे पूरे मूगा रेशम वैल्यू चेन को मज़बूत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह मिशन, जिसे पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (DoNER) के केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में लॉन्च किया गया, उम्मीद है कि यह सीधे तौर पर 8,000 से ज़्यादा परिवारों को मदद देगा। साथ ही, यह पूरे मूगा इकोसिस्टम में लोगों की आजीविका को भी मज़बूत करेगा। इस इकोसिस्टम से अभी असम में करीब 2.6 लाख रेशम पालने वालों और बुनकरों का गुज़ारा चलता है। मिशन स्नेहजोरी का मुख्य मकसद मूगा रेशम पालने वालों की कमाई को काफी हद तक बढ़ाना है।

GI टैग में मिलावट व उसके गलत इस्तेमाल से बढ़ीं मुश्किलें 

अभी, खेत पर मिलने वाली कीमतें (farmgate prices) करीब 25,000 रुपये प्रति किलोग्राम हैं। लेकिन इस मिशन का लक्ष्य है कि बेहतर प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग, क्वालिटी कंट्रोल और बाज़ार तक बेहतर पहुंच के ज़रिए इस कमाई को बढ़ाकर 50,000 रुपये प्रति किलोग्राम से ज़्यादा किया जाए। इस पहल का मकसद उत्पादन के बाद होने वाले बड़े नुकसानों और GI टैग में मिलावट व उसके गलत इस्तेमाल से पैदा होने वाली चुनौतियों को भी दूर करना है। ये ऐसी समस्याएं हैं, जिन्होंने लंबे समय से असली उत्पादकों को परेशान किया है। इस मिशन का एक अहम हिस्सा है डिजिटल ट्रेसिबिलिटी और QR-आधारित GI ऑथेंटिकेशन की शुरुआत करना। इससे यह पक्का होगा कि ग्राहक मूगा उत्पादों की असली होने की जांच कर सकें और नकली उत्पादों की गैर-कानूनी बिक्री पर रोक लगाने में मदद मिल सके।

अनोखी  और मिली-जुली कोशिश

इस मिशन को एक अनोखी मिली-जुली कोशिश बताते हुए सिंधिया ने कहा कि इसमें अलग-अलग मंत्रालयों, संस्थानों, निजी निवेशकों और उत्पादक समूहों से जुड़े ग्यारह हिस्सेदार एक साथ आए हैं। सिंधिया ने कहा, "यह कोई आम सरकारी प्रोजेक्ट नहीं है। यह पूरे भारत में फैली एक मिली-जुली कोशिश है, जिसमें वैल्यू चेन से जुड़ा हर हिस्सेदार मूगा रेशम के लिए एक टिकाऊ भविष्य बनाने के लिए एक साथ आया है।"

Tags - Mission Snehjori Crore Boost Assam's Golden Silk Globally