द फॉलोअप डेस्क
हैदराबाद के नामपल्ली इलाके में शनिवार को एक फर्नीचर शोरूम में लगी भीषण आग ने बड़े हादसे का रूप ले लिया है। करीब 20 घंटे से चल रहे लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद रविवार सुबह घटनास्थल से तीन पीड़ितों के शव बरामद किए गए हैं।
आग पर फिलहाल काबू पा लिया गया है, लेकिन बेसमेंट में अभी भी घना धुआं भरा होने के कारण बचाव कार्य में काफी चुनौतियां का सामना करना पड़ रहा हैं। आशंका जताई जा रही है कि अभी भी दो लोग मलबे और धुएं के बीच अंदर फंसे हुए हैं।.jpeg)
रेस्क्यू टीम ने जेसीबी की मदद से दीवार में छेद कर और धुआं साफ करने के बाद तहखाने में प्रवेश किया। पुलिस ने बरामद तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए उस्मानिया हॉस्पिटल भेज दिया है और शेष लापता लोगों की तलाश जारी है।.jpeg)
इस बड़े ऑपरेशन में एनडीआरएफ, डीआरएफ, फायर ब्रिगेड और पुलिस सहित विभिन्न विभागों के लगभग 200 कर्मचारी जुटे हैं। फायर सर्विसेज के डीजी ने बताया कि बेसमेंट में जाने का रास्ता न होने और भारी मात्रा में अवैध स्टॉक जमा होने के कारण देरी हुई।.jpeg)
घटनास्थल पर अपनों की तलाश में जुटे रिश्तेदारों ने जानकारी न मिलने पर जोरदार विरोध प्रदर्शन भी किया। आक्रोशित परिजनों ने एक बार दीवार तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की, जिन्हें पुलिस ने बड़ी मशक्कत के बाद समझा-बुझाकर शांत कराया।.jpeg)
लगातार घंटों तक आग की लपटों में घिरे रहने के कारण अब बिल्डिंग के गिरने का खतरा मंडरा रहा है। जेएनटीयू (JNTU) की एक इंजीनियरिंग टीम जल्द ही बिल्डिंग की मजबूती की जांच करेगी, ताकि यह तय हो सके कि ढांचा सुरक्षित है या नहीं।.jpg)
अधिकारियों का कहना है कि नियमों को ताक पर रखकर सेलर में ज्वलनशील सामान रखा गया था, जिससे आग ने विकराल रूप लिया। फिलहाल प्राथमिकता अंदर फंसे अन्य लोगों को निकालने और मलबे को साफ करने की है।