द फॉलोअप डेस्क
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने राज्य में बीते वर्ष हुई घटनाओं पर गहरा खेद व्यक्त करते हुए जनता से माफी मांगी है। उन्होंने कहा, “यह वर्ष राज्य के लिए बेहद कठिन और दुर्भाग्यपूर्ण रहा है। मैं उन सभी घटनाओं के लिए माफी मांगता हूं, जो 3 मई से लेकर अब तक हुई हैं।” मुख्यमंत्री ने उन लोगों के प्रति संवेदना जताई, जिन्होंने इस दौरान अपने प्रियजनों को खो दिया या घर-बार छोड़ने को मजबूर हुए। उन्होंने कहा, “मुझे इस सबका बहुत पछतावा है और मैं सभी से दिल से माफी मांगता हूं।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में राज्य में शांति बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि नए साल 2025 के साथ मणिपुर में पूर्ण शांति और सामान्य स्थिति लौट आएगी। उन्होंने सभी समुदायों से अपील की कि वे पुरानी गलतियों को पीछे छोड़कर एक नई शुरुआत करें और शांतिपूर्ण तथा समृद्ध मणिपुर के निर्माण में साथ मिलकर काम करें।
विपक्ष द्वारा हिंसा से निपटने के तरीके को लेकर आलोचना झेल रहे मुख्यमंत्री ने इंफाल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मणिपुर में शांति बहाल हो रही है। इसका एकमात्र समाधान चर्चा और संवाद है, जिसकी शुरुआत केंद्र सरकार पहले ही कर चुकी है।”
उल्लेखनीय है कि 3 मई, 2023 से राज्य में बहुसंख्यक मैतेई और कुकी समुदायों के बीच आरक्षण और आर्थिक लाभ को लेकर हिंसा जारी है। इस संघर्ष में अब तक 200 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक लगभग 12,247 एफआईआर दर्ज की गई हैं, 625 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और 5,600 से अधिक हथियार और 35,000 से अधिक गोला-बारूद बरामद किए गए हैं।
केंद्र सरकार ने हिंसा प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए पर्याप्त सुरक्षाबलों और धनराशि प्रदान की है। विस्थापित व्यक्तियों के लिए नए घर बनाने के लिए भी धनराशि उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों से आशा जताई कि आने वाला समय सभी के लिए बेहतर होगा।
2024 मणिपुर के लिए उथल-पुथल भरा वर्ष रहा, जहां मैतेई और कुकी समुदायों के बीच संघर्ष और गहराया। इस दौरान व्यापक हिंसा, भीड़ के हमले और नागरिक क्षेत्रों में ड्रोन हमले देखे गए। मुख्यमंत्री ने लोगों से शांति और एकता बनाए रखने की अपील की है, ताकि मणिपुर में स्थिरता और समृद्धि वापस लाई जा सके।