सूरत / बिहार
गुजरात के सूरत शहर में एक दर्दनाक औद्योगिक हादसे में बिहार मूल के तीन मजदूरों की जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई, जबकि एक अन्य मजदूर की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना पांडेसरा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित पारस प्रिंट प्राइवेट लिमिटेड की डाइंग मिल में हुई, जहां सफाई के दौरान मजदूरों को अंडरग्राउंड टैंक में उतारा गया था।
पुलिस के अनुसार, मजदूरों को एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) के टैंक की सफाई के लिए नीचे भेजा गया था। इसी दौरान टैंक के भीतर मौजूद जहरीली गैस की वजह से उनका दम घुटने लगा। जब तक अन्य लोग कुछ समझ पाते, तब तक तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।

मृतकों की पहचान 23 वर्षीय सोनू पासवान, 19 वर्षीय दिलीप पासवान और 23 वर्षीय संदीप पासवान के रूप में हुई है। वहीं एक अन्य मजदूर महेंद्र पासवान गंभीर रूप से बीमार हो गया, जिसे तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। सभी मजदूर बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं और काम की तलाश में सूरत आए थे।
पुलिस इंस्पेक्टर जेआर चौधरी के मुताबिक, यह घटना 5 मार्च की रात की है, हालांकि इसकी सूचना पुलिस को अगले दिन दी गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि टैंक के भीतर जहरीली गैस जमा हो गई थी, जिसके कारण मजदूरों का दम घुट गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या मजदूरों को बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के टैंक में उतारा गया था।
इस हादसे के बाद एक बार फिर उद्योगों में काम कर रहे प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस ने मृतकों के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
