कोलकाता
पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित एक होटल में मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात करीब 1:45 बजे भीषण आग लगने से 9 लोगों की मौत हो गई। हादसे के दौरान होटल के भीतर से लगभग 60 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। आग और घने धुएं के बीच कई लोग कमरों में फंस गए थे और खिड़कियों से मदद की गुहार लगाते रहे। यह घटना कोलकाता के न्यू मार्केट थाना क्षेत्र के अंतर्गत मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित एक छह मंजिला इमारत में हुई। आग पहली मंजिल पर स्थित ‘शिखा इन’ होटल से शुरू हुई और देखते ही देखते दमघोंटू काले धुएं ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में बांग्लादेशी पत्रकार देबाशीष दत्ता, उनकी पत्नी, चार वर्षीय बेटे और ससुर समेत 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में 5 बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं। हादसे में 8 से अधिक लोग झुलस गए, जबकि कई लोग धुएं के कारण बेहोश हो गए। दमकल विभाग और पुलिस की टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इमारत से 60 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। प्राथमिक जांच के अनुसार, अधिकांश लोगों की मौत दम घुटने के कारण हुई।

झारखंड के युवक की भी गई जान
इस हादसे में झारखंड के गिरिडीह निवासी 19 वर्षीय संदीप पासवान की भी जान चली गई। रिपोर्ट के मुताबिक, चार साल पहले पिता के निधन के बाद परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभालने के लिए संदीप तीन महीने पहले ही कोलकाता आया था। वह होटल ‘शिखा इन’ के रिसेप्शन पर काम कर रहा था। रात में आग लगने के बाद घना काला धुआं फैल गया, जिसके कारण वह बाहर नहीं निकल सका और दम घुटने से उसकी मौत हो गई। अस्पताल पहुंचने परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।.jpeg)
पत्नी के इलाज के लिए भारत आए बांग्लादेशी पत्रकार का पूरा परिवार खत्म
हादसे में बांग्लादेश के कुश्तिया निवासी पत्रकार देवाशीष दत्ता (37) अपनी पत्नी अफसाना शिरमीन (25) के इलाज के सिलसिले में भारत आए थे। बेंगलुरु से इलाज कराकर वे कोलकाता लौटे थे और होटल में ठहरे थे। हादसे में देवाशीष, उनकी पत्नी अफसाना, चार वर्षीय बेटे स्वर्णाशीष और ससुर अकरम अली (64) की जान चली गई। उनकी आठ वर्षीय बेटी भारत नहीं आई थी, जिससे वह सुरक्षित बच गई। ढाका में विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि मृतकों में पांच बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं, जिनमें से चार एक ही परिवार के थे। कोलकाता स्थित बांग्लादेश उप उच्चायोग ने पीड़ितों और घायलों की मदद के लिए 24 घंटे की आपातकालीन हेल्पलाइन शुरू की है।.jpeg)
खिड़कियों से मदद मांगते रहे लोग
हादसे में बचे लोगों ने बताया कि रात करीब दो बजे जब आग लगी, तब होटल कर्मचारी गहरी नींद में थे। लिफ्ट बंद होने और सीढ़ियों पर भीषण लपटों व काले धुएं के कारण लोग कमरों में फंस गए। कई लोगों ने खिड़कियों से मदद के लिए आवाज लगाई।
होटल में अग्निशमन उपकरणों का नहीं था बंदोबस्त
जांच में सामने आया कि होटल में कोई फायर अलार्म या सुरक्षा उपकरण सक्रिय नहीं थे। कई कमरों में वेंटिलेशन तक नहीं था। राज्य सरकार ने घटना के बाद बंगाल के सभी होटलों और गेस्ट हाउसों का अनिवार्य फायर सेफ्टी ऑडिट कराने का आदेश दिया है।
शुभेंदु अधिकारी ने पिछली सरकार पर लगाया आरोप
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार में सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी कर अवैध रूप से ऐसे तंग होटलों को संचालन की अनुमति दी गई, जिसका परिणाम यह त्रासदी है। वहीं राष्ट्रपति मुर्मू ने भी घटना पर शोक जताया है।
17 अगस्त को बीरभूम के होटल में भी गई थी 9 लोगों की जान
पश्चिम बंगाल में तीन दिन के भीतर यह दूसरा बड़ा अग्निकांड बताया गया है। इससे पहले 17 अगस्त को बीरभूम जिले के तारापीठ में एक होटल में आग लगने से नौ लोगों की मौत हो गई थी। अब कोलकाता के होटल में हुए हादसे ने होटल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।