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असम : 27 लाख की ड्रेनेज सफाई पहल, जलभराव मुक्त जोरहाट की दिशा में सरकार का अहम कदम

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द फॉलोअप डेस्क 

रविवार को हुई बारिश ने जोरहाट शहर के कई अहम इलाकों को जलमग्न कर दिया, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।  हांलाकि, हाल में ही, म्युनिसिपल बोर्ड ने 'सुपर सकर मशीन' का इस्तेमाल करके नालियों की सफाई का एक बड़ा अभियान भी चलाया था, जिसमें सरकारी खजाने से 27 लाख रुपये से अधिक खर्च किए गए। अब इस दिशा में नये कदम उठाने की कवायद पर रणनीति बन रही है। बहरहाल, सबसे बुरी तरह प्रभावित इलाकों में तरुण फुकन रोड, ताराजन, चोलाधरा, ए.टी. रोड, सोनाली जयंती नगर, बोंगलपुखुरी, राजामैदम न्यू कॉलोनी और शहर के कई अन्य हिस्से शामिल थे। जलभराव के कारण जोरहाट होम गार्ड ऑफिस, एनसीसी ऑफिस और कई सरकारी व निजी संस्थान भी पानी में डूब गए। ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई और यात्री पानी से भरी सड़कों पर फंसे रहे।


स्थानीय लोगों की ये है शिकायत 

एक स्थानीय निवासी ने कहा, "यह दुखद है कि बारिश की बस एक-दो बौछारें ही जोरहाट में विकास की असलियत सामने ले आती हैं। थोड़ी सी बारिश के बाद ही कई सड़कें पानी में डूब जाती हैं, और हर बार ऐसा ही होता है।" उन्होंने आरोप लगाया कि शहर के ड्रेनेज नेटवर्क (जल निकासी व्यवस्था) को वैज्ञानिक तरीके से डिज़ाइन नहीं किया गया है। उन्होंने आगे कहा, "सड़कें जितनी ऊंची होनी चाहिए, उससे नीची हैं और ड्रेनेज सिस्टम की योजना वैज्ञानिक तरीके से नहीं बनाई गई है। इसके कारण भारी जलभराव होता है और लोगों को बहुत परेशानी होती है।" पिछले कुछ वर्षों में जोरहाट में जलभराव की समस्या लगातार गंभीर होती गई है। पिछले मॉनसून के मुकाबले, अब मध्यम बारिश के बाद भी कई इलाकों में भारी जलभराव देखने को मिल रहा है। 

स्मार्ट ड्रेनेज सिस्टम की जरूरत 
निवासी इस बिगड़ती स्थिति के लिए मुख्य रूप से एक अच्छी तरह से नियोजित और स्मार्ट ड्रेनेज सिस्टम की कमी को जिम्मेदार मानते हैं। उनका कहना है कि इसी वजह से समय के साथ यह समस्या और बढ़ती गई है। प्रभावित इलाकों में से कई इलाके सालों से जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। हालांकि, निवासियों का कहना है कि अब यह समस्या शहर के कई और हिस्सों में भी फैल गई है। हालांकि जोरहाट म्युनिसिपल बोर्ड ने इस समस्या से निपटने के लिए कई प्रोजेक्ट्स की घोषणा की थी, लेकिन उनके कार्यान्वयन में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों ने उन पहलों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Tags - Jorhat Rain Waterlogging Drainage Assam