द फॉलोअप डेस्क, रांचीः
सुप्रीम कोर्ट ने डीजीपी नियुक्ति के मामले में झारखंड सरकार को 23 नवंबर से पहले एफिडेविट कर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट में 23 नवंबर को डीजीपी की नियुक्ति के मामले में फिर सुनवाई होगी। 3 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश की अदालत में इससे जुड़ी याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान आए तथ्यों और रिपोर्टों पर सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार से अपना पक्ष रखने के लिए यह समय दिया है। आज झारखंड सरकार की ओर से वरीय अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने सुप्रीम कोर्ट में बहस की। मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट डीजीपी की नियुक्ति को लेकर नियमावली में किए गए संशोधन पर कई सवाल खड़े किए हैं।

सुप्रीम कोर्ट झारखंड में डीजीपी की नियुक्ति के लिए नियमावली में किए गए संशोधन को प्रकाश सिंह बनाम भारत सरकार मामले में दिए गए फैसले के विरुद्ध माना है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने देश के अन्य राज्यों के साथ साथ झारखंड के मामले में भी सुझाव देने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता और एमिकस क्यूरी राजू रामचंद्रन को दस्तावेजों का अध्ययन कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था। इसके बाद राजू रामचंद्रन ने अपनी रिपोर्ट कोर्ट को सौंप चुके हैं। उसके बाद सुप्रीम कोर्ट में लगातार इस पर बहस और सुनवाई जारी है।
