द फॉलोअप डेस्क
मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार, जापान सरकार ने ऐसे कई क्षेत्रों की पहचान की है जहां जापान, असम और पूर्वोत्तर के अन्य हिस्सों में सहयोग और निवेश कर सकता है। हालांकि, जापानी पर्यटकों को अभी भी इस क्षेत्र के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं है, और उन्हें इस क्षेत्र के कुछ राज्यों में जाने के लिए भारत सरकार से अनुमति लेनी पड़ती है। कुछ खबरों में ये भी कहा गया है कि असम सरकार तेजी से इस दिशा में विचार कर रही है, जिससे राज्य में निवेश और रोजगार के नये अवसर पैदा हो सकें। इधर, नई दिल्ली में यूरोपीय संघ (EU) के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के बाद, असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, "यूरोपीय संघ (EU) के प्रतिनिधिमंडल का दौरा असम के लिए एक मील का पत्थर है। 1-3 तारीख के बीच, प्रधानमंत्री मोदी के साथ जापान के प्रधानमंत्री के गुवाहाटी आने की संभावना है। असम के लिए हालात हर दिन बेहतर हो रहे हैं, लेकिन अब यह हम पर निर्भर करता है कि हम असम में बढ़ती दिलचस्पी का फ़ायदा कैसे उठाते हैं।"

सहयोग का पहला क्षेत्र टाटा सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट
नई दिल्ली में जापानी दूतावास के सूत्रों ने बताया कि सहयोग का पहला क्षेत्र टाटा सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट है, जो जागीरोड में शुरू हो रहा है। सूत्रों ने यह भी बताया कि दो जापानी लॉजिस्टिक्स कंपनियां, जो बहुत संवेदनशील उत्पादों को लाने-ले जाने में माहिर हैं, सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट के उत्पादों के ट्रांसपोर्टेशन में शामिल होंगी। इससे असम को ग्लोबबल स्तर पर आर्थिक पहचान मिलने में मदद मिलेगी।
