द फॉलोअप डेस्क
असम सरकार युवाओं के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए एक खास विभाग बनाने जा रही है। इसके तहत युवाओं पर केंद्रित उन सभी कार्यक्रमों और सेवाओं को एक ही छत के नीचे लाया जाएगा जो अभी अलग-अलग विभागों में बंटे हुए हैं। सोमवार को लोक सेवा भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस फैसले की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि नया विभाग पूरी तरह से राज्य के युवाओं के कल्याण, विकास और सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित करेगा। सरमा ने कहा, "असम सरकार में युवाओं के कल्याण के लिए कोई खास विभाग नहीं था। हमने युवाओं के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए एक नया विभाग बनाने का फैसला किया है।"

सेवाओं और योजनाओं को एक साथ लाया जायेगा
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रस्तावित विभाग उन सेवाओं और योजनाओं को एक साथ लाएगा जिनको अभी अलग-अलग एजेंसियां संभाल रही हैं। इनमें नेशनल सर्विस स्कीम (NSS), नेशनल कैडेट कोर (NCC), एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज और शिक्षा विभाग व अन्य सरकारी विभागों द्वारा चलाई जा रही युवाओं के कल्याण से जुड़ी दूसरी पहलें शामिल हैं। सरकार इस विभाग को औपचारिक रूप से 17 सितंबर को शुरू करने का लक्ष्य लेकर चल रही है और इसे स्थापित करने की शुरुआती तैयारी पहले ही शुरू हो चुकी है।
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17 सितंबर से होगी शुरुआत
सरमा ने कहा, "हमें उम्मीद है कि हम इसे 17 सितंबर को शुरू कर पाएंगे। इसके ढांचे, निदेशालय और अन्य गतिविधियों पर काम पहले से ही चल रहा है।" इस कदम का मकसद युवाओं से जुड़े कार्यक्रमों को बेहतर बनाना, विभागों के बीच तालमेल बढ़ाना और रोजगार, कौशल विकास, नेतृत्व और युवाओं की भागीदारी से जुड़े मुद्दों को हल करने के लिए एक ही संस्थागत ढांचा तैयार करना है। मुख्यमंत्री ने 'प्रोजेक्ट सद्भावना' की भी घोषणा की। यह प्रशासनिक सुधार की एक पहल है जिसका मकसद लंबे समय से अटकी सरकारी फाइलों का निपटारा करना और कामकाज में पारदर्शिता लाना है।
