द फॉलोअप डेस्क
गुवाहाटी शहर 6 और 7 जुलाई को ब्रिक्स एंटी-ड्रग एजेंसियों के प्रमुखों की बैठक की मेजबानी करने के लिए तैयार है। इस बैठक में सदस्य देशों के शीर्ष ड्रग प्रवर्तन अधिकारी एक साथ आएंगे ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नशीले पदार्थों की तस्करी और ड्रग से जुड़े नए खतरों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत किया जा सके। गृह मंत्रालय (MHA) के तहत नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय बैठक में ब्रिक्स देशों की एंटी-ड्रग एजेंसियों के प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारी अपने-अपने देशों में ड्रग की स्थिति पर चर्चा करेंगे। साथ ही, वे नशीले पदार्थों के नियंत्रण में उभरती वैश्विक चुनौतियों पर केंद्रित छह विषयगत सत्रों में भाग लेंगे।

इन मुद्दों पर सहमति की कवायद
गृह मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक का उद्देश्य ब्रिक्स सदस्य देशों की ड्रग नियंत्रण एजेंसियों के बीच संस्थागत निरंतरता को मजबूत करना और परिचालन सहयोग को गहरा करना है। गुवाहाटी में होने वाली चर्चाएं तीन प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर केंद्रित होंगी - सिंथेटिक ड्रग्स और प्रीकर्सर केमिकल के गलत इस्तेमाल (डायवर्जन) से निपटना, खुफिया जानकारी साझा करने और परिचालन समन्वय को मजबूत करना, और क्षमता निर्माण व संस्थागत सहयोग को बढ़ाना।

इन विषयों पर होगा विचार
छह विषयगत सत्रों में रियल-टाइम ड्रग इंटरडिक्शन (ड्रग्स को रोकने की कार्रवाई) के लिए डिजिटल तकनीकों के उपयोग, डार्कनेट के माध्यम से नशीले पदार्थों की तस्करी से निपटने, नए साइकोएक्टिव पदार्थों (NPS) के उभरने की समस्या को हल करने, प्रीकर्सर केमिकल के गलत इस्तेमाल को रोकने, ड्रग की मांग को कम करने और समन्वित प्रवर्तन के लिए संस्थागत तंत्र को मजबूत करने पर विचार किया जाएगा।
