द फॉलोअप डेस्क
रेमल तूफान की वजह से खबर लिखे जाने तक कम से कम 300 फ्लाइट्स कैंसिल की जा चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों ने इस बारे में चेतवानी जारी करते हुए कहा है कि अगले कुछ घंटों में रेमल एक गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप धारण कर सकता है। रेमल तूफान की वजह से 26 मई यानी आज आधी रात के आसपास बांग्लादेश और आसपास के पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों के बीच एक गंभीर चक्रवाती तूफान के तौर पर टकरा सकता है। इस दौरान चलने वाली हवा की रफ्तार 120 किमी तक हो सकती है। इससे प्रभावित होने वाले पश्चिम बंगाल और ओडिशा के साथ-साथ आसपास के राज्यों में भारी बारिश की स्थिति बनेगी।

ऊंची लहरें उठने के संकेत
एक अन्य खबर में बताया गया है कि तूफान की वजह से समुद्र में 1.5 से 2 मीटर ऊंची लहरें उठने का संकेत मिल रहा है। इन लहरों की वजह से तटीय पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के निचले इलाके डूब सकते हैं। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने मछुआरों को 27 मई की सुबह तक बंगाल की खाड़ी के उत्तरी भाग में समुद्र में नहीं जाने का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने 26 और 27 मई को पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों जैसे दक्षिण और उत्तर 24 परगना के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। बताया है कि इन स्थानों पर तेज बारिश के साथ तूफान का असर दिखाई देगा।

क्या है रेमल तूफान
देश के अलग-अलग हिस्सों के मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने शनिवार को ही रेमल तूफान की जानकारी दी थी। बता दें कि देश के एक बड़े हिस्से में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। इसके प्रभाव से बंगाल की खाड़ी में सीजन का पहला चक्रवाती तूफान आने के संकेत मिले। वैज्ञानिकों ने इसे रेमल का नाम दिया है। शनिवार को ही बंगाल की खाड़ी के ऊपर गहरा दबाव बनना शुरू हो गया। देर शाम तक यह भीषण चक्रवाती तूफान रेमल में बदल गया। रेमल तूफान पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप और बांग्लादेश के खेपुपाड़ा के बीच रविवार की आधी रात को कहर ढा सकता हैं।

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