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दिल्ली : भारत के 50वें CJI बने डीवाई चंद्रचूड़ ,राष्ट्रपति ने दिलाई  पद एवं गोपनीयता की शपथ

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दिल्ली:
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ (Justice DY Chandrachud)  देश के 50वें मुख्यन्याधीश (50th CJI) बन गए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) ने उन्हें राष्ट्रपति भवन में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई है। चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ का कार्यकाल 10 नवंबर 2024 तक रहेगा। CJI यूयू ललित ने कानून मंत्री किरन रिजिजू (Kiren Rijiju) को उनके नाम की सिफारिश की थी। बता दें कि जस्टिस चंद्रचूड़ 16वें CJI यशवंत विष्णु चंद्रचूड़ के बेटे (son of CJI Vishnu Chandrachud) हैं।


ऐतिहासिक फैसले देने वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठों का रहे हैं हिस्सा 

जस्टिस चंद्रचूड़ कई संविधान पीठ और ऐतिहासिक फैसले देने वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठों का हिस्सा रहे हैं। इनमें अयोध्या भूमि विवाद, आईपीसी की धारा 377 के तहत समलैंगिक संबंधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने, आधार योजना की वैधता से जुड़े मामले, सबरीमला मुद्दा, सेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने, भारतीय नौसेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने जैसे फैसले शामिल हैं।

11 नवंबर 1959 को हुआ जस्टिस चंद्रचूड़ का जन्म
जस्टिस चंद्रचूड़ 11 नवंबर 1959 को पैदा हुए और 13 मई 2016 को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस के रूप में पदोन्नत किये गये थे।  राजधानी के सेंट स्टीफंस कॉलेज से अर्थशास्त्र में बीए ऑनर्स करने के उन्होंने कैंपस लॉ सेंटर, दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी किया और अमेरिका के हार्वर्ड लॉ स्कूल से एलएलएम और न्यायिक विज्ञान में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। उन्हें  29 मार्च 2000 से 31 अक्टूबर 2013 तक बंबई हाई कोर्ट के न्यायाधीश थे। उसके बाद उन्हें इलाहाबाद हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। जस्टिस चंद्रचूड़ को जून 1998 में बंबई हाई कोर्ट द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता नामित किया गया था और वह उसी वर्ष अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किए गए।