द फॉलोअप, रांची
कांग्रेस की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने कहा है कि झारखण्ड सरकार में कांग्रेस की भागीदारी है इसमें दो राय नहीं, लेकिन JPSC-JSSC घोटाले में कांग्रेस भागीदार नहीं है। सदन के बाहर हो या सदन के अंदर हो या पार्टी के अंदर हो, कांग्रेस इस बात से सहमत है कि JPSC-JSSC में घोटाल हुई है। इन परीक्षाओं में घोटाले को लेकर कांग्रेस छात्रों के आंदोलन का समर्थन करती है और लगातार आवाज़ उठा रही है। छात्रों की माँगें नाजायज़ नहीं हैं। सरकार को इस विषय को गंभीरतापूर्वक लेना चाहिए। आंदोलनरत छात्रों पर पुलिस के द्वारा किया गया लाठीचार्ज और फेका गया अश्रु गैस या टियर गैस अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक है, उसका कतई समर्थन नहीं किया जा सकता। व्यक्तिगत रूप से इस बात का हमें अत्यंत खेद है कि मैं एक विधायक के रूप में छात्रों की मांगों को विधानसभा में नहीं रख पा रही हूँ। आशा करती हूँ कि सरकार विषय की गंभीरता को देखते हुए CBI जाँच का आदेश दे क्योंकि CID जाँच निष्पक्षता का आधार नहीं हो सकती।

शिक्षा मंत्रालय, कार्मिक और गृह मंत्रालय मुख्यमंत्री के अधीन हैं एवं JPSC-JSSC का गठन भी सरकार की अनुशंसा पर होता है। ऐसी घटना का अनुसंधान राज्य का पुलिस विभाग करे, यह पारदर्शिता का प्रतीक तो नहीं हो सकता। यह मेरा व्यक्तिगत विचार है। राजनीति कभी भी जनता के स्वार्थ के ऊपर नहीं जा सकती, तब तो संविधान की कोई गरिमा ही नहीं रह जाएगी। कानून में Rule of law को प्रतिष्ठित करने के लिए Rules of natural justice का प्रतिष्ठित होना ज़रूरी है। यहाँ तो अभियोग जिनके विरुद्ध है, अनुसंधान उन्हीं का मंत्रालय कर रहा है। संवेदनशीलता की कमी, नीतिगत पतन और अहंकार से बाहर आकर ही न्याय की प्रतिष्ठा हो सकती है, और सरकार इससे बाहर नहीं है। जनता और जंतु में अंतर समझ में आना चाहिए।
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