द फॉलोअप डेस्क
पुरी में BRICS की बैठक में CM मोहन चरण माझी ने ओडिशा के 'ज़ीरो-कैज़ुअल्टी' पॉलिसी से मिले अनुभवों को सभी के सामने रखा। बता दें कि आज गुरुवार को पुरी में BRICS आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्य समूह की तकनीकी बैठक का दूसरा दिन था। सम्मेलन में प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए CM माझी ने कहा कि ओडिशा ने पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं का सफलतापूर्वक सामना किया है और आपदाओं के दौरान शून्य हताहतों (ज़ीरो कैज़ुअल्टी) के लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने के लिए वैश्विक पहचान हासिल की है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सम्मेलन की चर्चाएं और निष्कर्ष भविष्य में लाभकारी सिद्ध होंगे।

ओडिशा ने आपदा प्रबंधन का अनुभव साझा किया
CM माझी ने कहा कि ओडिशा की आपदा प्रबंधन पद्धतियाँ BRICS देशों के लिए एक उपयोगी मॉडल साबित हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन भाग लेने वाले देशों के बीच विचारों और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान को सुगम बनाएगा, जिससे आपदा की तैयारी और प्रतिक्रिया तंत्र मज़बूत होंगे। "यह हमारे लिए खुशी और गर्व का क्षण है कि BRICS आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्य समूह की बैठक यहां भगवान जगन्नाथ के पवित्र शहर पुरी में आयोजित की जा रही है। ओडिशा ने हमेशा प्राकृतिक आपदाओं के दौरान पूर्व चेतावनी प्रणालियों, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने (इवैकुएशन) और शून्य हताहतों के लक्ष्य पर ज़ोर दिया है। इन प्रयासों ने हमें वैश्विक पहचान दिलाई है," उन्होंने कहा। मुख्यमंत्री ने 1999 के 'सुपर साइक्लोन' (महाचक्रवात) को भी याद किया और कहा कि इसने आपदा की तैयारी और प्रबंधन के क्षेत्र में मूल्यवान सबक सिखाए थे। उन्होंने आगे कहा कि पुरी में BRICS बैठक की मेज़बानी करना विशेष महत्व रखता है और विश्वास व्यक्त किया कि सम्मेलन की चर्चाएं और परिणाम भविष्य में लाभकारी होंगे।

भाग लेने वाले 11 देशों के बीच बढ़ेगा आपसी सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाग लेने वाले 11 देश आपदा जोखिम न्यूनीकरण के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे और आपदा की तैयारी तथा प्रतिक्रिया को बेहतर बनाने के लिए सर्वोत्तम प्रबंधन पद्धतियों को आपस में साझा करेंगे। BRICS आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्य समूह की दूसरी तकनीकी बैठक में 11 देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। इस सम्मेलन का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सहयोग, ज्ञान-साझाकरण और प्रभावी आपदा प्रबंधन रणनीतियों को अपनाने को बढ़ावा देना है।
