Bihar labourers Death:
बेंगलुरु में पत्थर खदान हादसे में बिहार के सात मजदूरों की मौत के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा शोक व्यक्त किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (X) पर पोस्ट करते हुए उन्होंने इस घटना को बेहद दुखद बताया। साथ ही उन्होंने ईश्वर से दिवंगत श्रमिकों की आत्मा की शांति और उनके परिजनों को इस कठिन समय में संबल देने की प्रार्थना की।
बेंगलूरु के दक्षिण तालुक स्थित मदापट्टना की पत्थर खदान में हुए भीषण हादसे में बिहार के प्रवासी श्रमिक भाइयों के असामयिक निधन का समाचार अत्यंत हृदयविदारक है।
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) July 2, 2026
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहने की शक्ति…
खदान में करीब 20 मजदूर काम कर रहे थे
गुरुवार को बेंगलुरु के मदपट्टना क्षेत्र स्थित एक पत्थर खदान में चट्टान गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में बिहार के सात मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हादसे के समय खदान में करीब 20 मजदूर काम कर रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि भारी मलबे के नीचे अभी भी कुछ श्रमिक फंसे हो सकते हैं, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की संभावना है। एक दिन पहले ही ब्लास्टिंग हुई थी। सुबह मजदूर जमीन से करीब 40 फीट नीचे खुदाई और ड्रिलिंग का काम कर रहे थे, तभी उनके ऊपर विशाल चट्टान अचानक भरभराकर गिर गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चट्टान गिरने से पहले मजदूरों को संभलने का कोई मौका नहीं मिला। कुछ लोग किसी तरह जान बचाकर बाहर निकल गए, जबकि कई मजदूर भारी पत्थरों के नीचे दब गए। हादसे में वहां मौजूद खुदाई करने वाली मशीनें भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने हादसे पर जताया गहरा दुख
सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन मौके पर पहुंची और मलबा हटाकर फंसे लोगों को निकालने का अभियान शुरू किया। मिली जानकारी के अनुसार, मृतकों में बिहार के 7 प्रवासी मजदूर भी शामिल हैं। हालांकि सभी की आधिकारिक पहचान अभी नहीं हो सकी है। हादसे में कर्नाटक के कुछ स्थानीय मजदूर भी घायल हुए हैं, जिनमें से पांच लोगों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को तत्काल आरआर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने इस हृदयविदारक घटना पर कहा कि मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना खदान संचालकों की जिम्मेदारी है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाली खदानों के खिलाफ सरकार सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।