द फोलोअप डेस्क
माफिया डॉन रहे अतीक अहमद के परिवार की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। आज गुरुवार को अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान की झांसी में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसे में उसके साथ एक और युवक की भी जान गयी है। वहीं 3 अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हैं। घटना झांसी-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पूंछ थाना क्षेत्र के पास की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, अबान जेल में बंद अपने बड़े भाई से मिलने जा रहा था, तभी रास्ते में यह हादसा हुआ। तांगेवाले के बेटे से अपराध की दुनिया के बड़े नाम तक पहुंचने और फिर पूरे परिवार के पतन तक अतीक अहमद की कहानी किसी फिल्मी कहानी जैसी रही है।
17 साल की उम्र में अपराध की दुनिया में कदम
अतीक अहमद के पिता हाजी फिरोज इलाहाबाद में तांगा चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। अतीक पढ़ाई में खास दिलचस्पी नहीं रखता था और कम उम्र में ही उसने स्कूल छोड़ दिया। ज्यादा पैसा और ताकत हासिल करने की चाहत ने उसे अपराध की राह पर पहुंचा दिया। साल 1979 में महज 17 साल की उम्र में अतीक अहमद के खिलाफ हत्या का पहला मुकदमा दर्ज हुआ। इसी के साथ उसका नाम अपराध की दुनिया में तेजी से उभरने लगा।
चांद बाबा की हत्या के बाद बढ़ा खौफ
उस समय इलाहाबाद में चांद बाबा नाम के एक अपराधी का काफी दबदबा था। पुलिस और स्थानीय नेताओं के लिए भी वह बड़ी चुनौती बना हुआ था। अतीक ने इसी स्थिति को अपने लिए मौका बनाया और चांद बाबा की हत्या कर दी। इस घटना के बाद अतीक अहमद का नाम तेजी से फैल गया और वह इलाहाबाद के अपराध जगत में एक नए डॉन के रूप में उभरकर सामने आया। धीरे-धीरे उसका प्रभाव बढ़ता गया और वह राजनीति की दुनिया में भी दाखिल हो गया।