द फॉलोअप डेस्क
असम सरकार पड़ोसी राज्यों के साथ सीमा विवादों को स्थायी तौर पर सलुझाने के लिए मंत्री स्तरीय समिति बनाकर बातचीत फिर से शुरू करने की तैयारी कर रही हैं। गौरतलब है कि अरुणाचल प्रदेश के कुछ संदिग्ध उपद्रवियों द्वारा धेमाजी के मिंगमांग-बोडोटी में असम के निवासियों पर कथित तौर पर गोलीबारी किए जाने के एक हफ़्ते बाद, बुधवार को 'ओइकोमोंचो धेमाजी' ने सीमा विवाद के तय समय-सीमा के भीतर समाधान की मांग को लेकर दो घंटे का धरना दिया।

गोलीबारी के लिए ज़िम्मेदार लोगों की तुरंत गिरफ़्तारी की मांग
प्रदर्शनकारियों ने छह सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा, जिसमें गोलीबारी के लिए ज़िम्मेदार लोगों की तुरंत गिरफ़्तारी और असम की सीमा के भीतर कथित तौर पर बनाए गए अरुणाचल सुरक्षा कैंप को हटाने की मांग शामिल थी। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि असम की ज़मीन पर बनाए गए अरुणाचल सुरक्षा कैंप को सरकार ने अभी तक नहीं हटाया है। हम चाहते हैं कि गोलीबारी के लिए ज़िम्मेदार उपद्रवियों को गिरफ़्तार किया जाए। इस घटना में ग्यारह लोग घायल हुए थे, और सरकार द्वारा घोषित एकमुश्त सहायता राशि को 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया जाना चाहिए। अगर हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो हम अपना विरोध और तेज़ करेंगे।"
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हथियारों के लाइसेंस रद्द करने की भी मांग की भी मांग
प्रदर्शनकारियों ने विवादित क्षेत्र के 10 किलोमीटर के दायरे में ज़मीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने और सीमा पर रहने वाले निवासियों से हथियार ज़ब्त करने के साथ-साथ उनके हथियारों के लाइसेंस रद्द करने की भी मांग की। एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा, "अगर अधिकारी हमें सुरक्षा नहीं दे सकते, तो हम अपनी सुरक्षा खुद करने के लिए मजबूर होंगे। दस दिन बीत चुके हैं और अब तक किसी भी दोषी को गिरफ़्तार नहीं किया गया है। मैं असम सरकार से आग्रह करता हूं कि अगर दोषियों से हथियार ज़ब्त नहीं किए जा सकते, तो हमें AK-47 उपलब्ध कराई जाए।"

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