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असम CID को सफलता : सरकारी नौकरी के नाम पर बड़े फर्जीवाड़ा का खुलासा; 7 जालसाज पहुंचे सलाखें के पीछे 

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द फॉलोअप डेस्क 
असम पुलिस के क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह नकली अपॉइंटमेंट लेटर और भर्ती से जुड़े फर्जी कागजात का इस्तेमाल करके जल संसाधन विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये ठगता था। पुलिस ने बताया कि इस मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांचकर्ताओं का मानना है कि इस गिरोह को राज्य के कई जिलों में फैले एक संगठित नेटवर्क द्वारा चलाया जा रहा था। CID के अनुसार, आरोपियों ने सरकारी नौकरी का झूठा वादा करके नौकरी के इच्छुक लोगों से बड़ी रकम वसूली थी। 


क्या बताया जांचकर्ता टीम ने 
CID के एक अधिकारी ने कहा, "एक संगठित गिरोह के तौर पर काम करते हुए आरोपियों ने नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं से काफी पैसे ठगे। पीड़ितों को यह यकीन दिलाया गया कि उन्हें असली सरकारी नौकरी दी जा रही है।" यह मामला CID पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धाराओं 61(2), 318(4), 336(3) और 340(2) के तहत केस नंबर 04/25 के तौर पर दर्ज किया गया है। हालिया गिरफ्तारी 27 जून को हुई, जब नलबाड़ी जिले से गुणमणि बैश्य को पकड़ा गया। CID को शक है कि इस काम में एक बड़ा नेटवर्क शामिल हो सकता है और वह पैसों के लेन-देन, फर्जी कागजातों और अन्य संदिग्धों से संभावित संबंधों की जांच कर रही है। 


ऐसे होती थी ठगी 
पुलिस ने जांच आगे बढ़ने पर और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया है। जांचकर्ताओं ने बताया कि आरोपियों ने भर्ती प्रक्रिया को असली दिखाने के लिए फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर, नकली सरकारी मुहर और जल संसाधन विभाग द्वारा जारी किए गए जैसे दिखने वाले फर्जी भर्ती नोटिफिकेशन का इस्तेमाल किया था। यह धोखाधड़ी तब सामने आई जब कई पीड़ितों ने यह पता चलने पर शिकायत दर्ज कराई कि अपॉइंटमेंट लेटर और भर्ती प्रक्रिया नकली थी। इस कार्रवाई के बाद, असम पुलिस ने नौकरी के इच्छुक लोगों से सरकारी भर्ती नोटिफिकेशन की सच्चाई आधिकारिक चैनलों के माध्यम से जांचने की अपील की और नौकरी के बदले किसी व्यक्ति या बिचौलिए को पैसे न देने की चेतावनी दी। 

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