द फॉलोअप डेस्क:
ट्रैफिक रूका है और सिग्नल पर गाड़ियों की लंबी कतार है। ट्रैफिक पुलिस के जवान मुस्तैद नजर आ रहे हैं और उनकी गतिविधियों से ऐसा लगता है कि यहां गलती की गुंजाइश नहीं है। लेकिन, यह क्या। एक आदमी अपनी कार से निकला और बीच सड़क पर जाकर बैठ गया। उसने तीखी धूप और गर्मी की भी परवाह नहीं की और पालथी मारकर सड़क पर ही बैठ गया। बस फिर क्या था। ट्रैफिक पुलिस के जवानों के हाथ-पांव फूल गए। चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगी। पहले तो सड़क पर बैठे व्यक्ति को डराया-धमकाया और फटकारा और बात नहीं बनी तो प्यार से समझाया भी, लेकिन वह टस से मस नहीं हुआ।
बेंगलुरु में राज्यपाल के काफिले के लिए 30 मिनट तक ट्रैफिक रोका गया।
— Sandeep Khasa (@SamKhasa_) June 1, 2026
इस दौरान अपनी गर्भवती पत्नी को अस्पताल ले जा रहा एक व्यक्ति जाम में फंस गया और विरोध में बैठ गया।
ये VVIP संस्कृति अब खत्म होनी चाहिए, उस व्यक्ति को पूरा समर्थन। pic.twitter.com/bqXhqjzaE4
वीवीआईपी मूवमेंट के लिए रोकी गई ट्रैफिक
यह वाकया बेंगलुरु का है। दरअसल, यहां राज्यपाल के वीवीआईपी मूवमेंट के लिए ट्रैफिक रोकी गई थी। साहब गुजरेंगे तो आम आदमी को इंतजार करना होगा। यही रीत है। लेकिन इसी समय एक व्यक्ति अपनी गर्भवती पत्नी को अस्पताल लेकर जा रहा था, और वीवीआईपी मूवमेंट की वजह से ट्रैफिक जाम में फंस गया। सिस्टम को लगता है कि गर्वनर की कार जरूरी है। उस व्यक्ति को लगा उसकी गर्भवती पत्नी का अस्पताल पहुंचना जरूरी है। उसने जाने देने की गुहार लगाई, लेकिन इजाजत नहीं मिली तो उसने वही किया जो आम आदमी कर सकता है। विरोध। उसने सड़क पर बैठकर विरोध जताया। सोशल मीडिया में वायरल इस वीडियो पर लोग सड़क पर बैठे व्यक्ति के प्रति समर्थन जता रहे हैं।

अक्सर आम लोगों को होती है परेशानी
भारत में यह पहली बार नहीं है जब वीवीआईपी मूवमेंट के नाम पर ट्रैफिक रोकी गई है और आम लोगों को हलकान होना पड़ा है। रांची, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, वाराणसी या अहमदााबद। शहर बदलते हैं लेकिन व्यवस्था नहीं। अक्सर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, कैबिनेट मंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों के वीवीआईपी मूवमेंट के नाम पर सड़कें आम लोगों के लिए कई घंटे तक बंद कर दी जाती है। कई बार एंबुलेंस तक इस व्यवस्था में फंस जाते हैं। वाराणसी में तो एक महिला की जान तक जा चुकी है, वीवीआईपी मूवमेंट के चक्कर में।