द फॉलोअप डेस्क
संत रविदास की 650वीं जयंती पर 29 जुलाई से 20 फरवरी तक पूरे देश में समरसता संकल्प अभियान चलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसमें व्यक्तिगत तौर पर शामिल होंगे। यह जानकारी झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने दी। अर्जुन मुंडा ने कहा कि भारत, विश्व के मानचित्र पर आध्यात्मिक शक्ति का केंद्र रहा है। आदिकाल से ही विभिन्न कालखंडों में महर्षियों ने यहां से जीवन चरित का संदेश दिया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संत रविदास ऐसे संत हुए जिन्होंने अपनी वाणी से ना केवल संदेश दिया बल्कि अपने बताए रास्ते पर आजीवन खुद भी चले। अर्जुन मुंडा ने संत रविदास को एक उत्कृष्ट संत बताया, जो सदैव ध्रुव तारा की तरह चमकते रहे हैं। 
वाराणसी से शुरू होगा कलश वंदन अभियान
अर्जुन मुंडा ने कहा कि समोहिक शक्ति को दिशा देते हुए भारत, विश्व में आध्यात्मिक पहचान बनाए रखने में सफल रहा तो इसमें संत शिरोमणि रविदास का अहम योगदान है। अर्जुन मुंडा ने कहा कि 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के मौके पर धार्मिक स्थलों पर समरसता का दीप प्रज्वलित किया जायेगा। संत रविदास की जन्मस्थली वाराणसी से कलश वंदन अभियान की शुरुआत होगी। 5 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक समरस यात्रा का आयोजन होगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान हम भारत को आगे बढ़ाने के लिए सबका साथ...सबका विकास...सबका विश्वास और सबका प्रयास का संकल्प लेंगे। उन्होंने कहा कि इस अभियान से विकसित भारत का विचार एक उर्जा के रूप में प्रस्फुटित होगा। 
प्रधानमंत्री ने भी कार्यक्रम में दिखाई है रुचि
अर्जुन मुंडा ने कहा कि संत रविदास ने मन चंगा तो कठौती में गंगा के जरिए विश्व में मानवता का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि संत रविदास की 650वीं जयंती को खास बनाने का आह्वान राष्ट्रीय स्तर पर हुआ है। प्रधानमंत्री ने भी इस कार्यक्रम के निमित्त अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं।