रांची
निजी विद्यालयों के संगठन पासवा ने एक बार फिर इतिहास रचते हुए रविवार को रांची विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार, मोरहाबादी में आयोजित अपने 14वें शिक्षक सम्मान समारोह में राज्यभर के 2500 से अधिक शिक्षकों को सम्मानित किया। विभिन्न जिलों से पहुंचे शिक्षाविदों, प्रोफेसरों, लेक्चररों तथा सरकारी एवं निजी विद्यालयों के शिक्षकों का शॉल, प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो देकर सम्मान किया गया। समारोह में शिक्षा, प्रशासन, स्वास्थ्य, पुलिस एवं विश्वविद्यालय जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियां मौजूद रहीं। राज्यभर से पांच सौ से अधिक निजी एवं सरकारी विद्यालयों के प्राचार्यों ने भी उपस्थिति दर्ज कर बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने का संकल्प लिया।

प्रमुख अतिथियों की मौजूदगी
मुख्य अतिथि स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह, उद्घाटनकर्ता डीजी रेलवे अनिल पालटा, स्वागताध्यक्ष पासवा के मुख्य संरक्षक सह विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव, गेस्ट ऑफ ऑनर रिम्स निदेशक डॉ. डी.के. सिन्हा, रांची विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति अजीत कुमार सिन्हा, डीएवी के निदेशक एम.के. सिन्हा तथा पासवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। सम्मानित होने वालों में अंजनी श्रीवास्तव, डॉ. फिरोज अहमद, डॉ. टी.एन. साहू, अमर चौधरी, सीसीडीसी राजेश उपाध्याय, बंदना रॉय, तापस घोष, जैक सचिव सच्चिदानंद तिग्गा, किशोर सोरेन, विभा सिंह, एस.के. मिश्रा, एस.के. सिन्हा, प्रियंवदा झा, डॉ. संजय कुमार सिन्हा, डॉ. शिव कुमार, आलोक रंजन, राशिद इकबाल, सुमेधा चौधरी, डॉ. नीतू कुमारी, अदिति आर्यन, डॉ. श्रीकुमार मुखर्जी, संतोष कुमार, नीरा किशोर, अकिल उर रहमान, रेनू कुमारी, सुमोना दत्ता सहित बड़ी संख्या में शिक्षाविद शामिल रहे। बोकारो, हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, पलामू, गढ़वा, गिरिडीह, लोहरदगा सहित राज्य के विभिन्न जिलों से शिक्षक एवं शिक्षाविद समारोह में पहुंचे।
डॉ. राधाकृष्णन और सुदिव्य कुमार सोनू को श्रद्धांजलि से शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन एवं पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि के साथ हुई। विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इसके बाद दीप प्रज्वलित कर शिक्षक सम्मान समारोह का उद्घाटन अजय कुमार सिंह, अनिल पालटा, डॉ. रामेश्वर उरांव, आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव, डॉ. राजेश गुप्ता एवं फलक फातिमा ने संयुक्त रूप से किया।
.jpeg)
अतिथियों ने एक स्वर में शिक्षक सम्मान को बताया जरूरी
अजय कुमार सिंह: गुरु का सम्मान करना समाज और राष्ट्र का सम्मान करना है तथा शिक्षकों के मार्गदर्शन से ही संस्कारित और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।
अनिल पालटा: शिक्षक केवल पढ़ाते नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन जीने की कला, अनुशासन और सही रास्ते पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
डॉ. रामेश्वर उरांव: शिक्षक राष्ट्र की भावी पीढ़ी को गढ़ने वाले सबसे बड़े शिल्पकार हैं और गुरु का सम्मान वास्तव में समाज और राष्ट्र का सम्मान है।
आलोक कुमार दूबे: 2500 से अधिक शिक्षकों का एक साथ सम्मान पासवा के लिए गौरव का क्षण है और इस अभियान को आने वाले समय में और व्यापक बनाया जाएगा।
अजीत कुमार सिन्हा: शिक्षा किसी भी राष्ट्र के विकास की बुनियाद है और शिक्षक इस व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं।
अंजनी श्रीवास्तव: भारतीय संस्कृति में गुरु को हमेशा सर्वोच्च स्थान दिया गया है और शिक्षकों के योगदान को सम्मान मिलना आवश्यक है।
एम.के. सिन्हा: किसी भी शिक्षण संस्थान की गुणवत्ता उसके शिक्षकों से तय होती है और शिक्षकों का सम्मान शिक्षा एवं ज्ञान की पूरी परंपरा का सम्मान है।
डॉ. डी.के. सिन्हा: शिक्षक नई पीढ़ी के भविष्य निर्माता हैं और उनके चरित्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका है।
डॉ. राजेश गुप्ता: शिक्षक अपने ज्ञान, संस्कार और अनुभव से विद्यार्थियों को जीवन की सही दिशा प्रदान करते हैं और उनके प्रति सम्मान की भावना मजबूत करने की आवश्यकता है।
फलक फातिमा: शिक्षकों का सम्मान केवल एक दिन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके योगदान के प्रति हमेशा सम्मान और कृतज्ञता का भाव रहना चाहिए।
सच्चिदानंद तिग्गा: शिक्षक राष्ट्र की मजबूत नींव तैयार करते हैं और पासवा द्वारा इतने बड़े स्तर पर शिक्षकों को सम्मानित किया जाना सराहनीय पहल है।

लाल किशोर नाथ शाहदेव ने किया संचालन
कार्यक्रम का सफल संचालन पासवा के उपाध्यक्ष लाल किशोर नाथ शाहदेव ने किया। समारोह के अंत में अल्ताफ अंसारी ने अतिथियों, शिक्षकों, विद्यालय प्रबंधन, विद्यार्थियों एवं आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह में पासवा के प्रदेश पदाधिकारी, विभिन्न जिलों के अध्यक्ष, विद्यालय संचालक, प्रोफेसर, लेक्चरर, शिक्षाविद एवं बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। पासवा ने अपने आयोजन के माध्यम से संदेश दिया कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में शिक्षक की भूमिका सर्वोपरि है और गुरुजनों का सम्मान सामाजिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम को सफल बनाने में पासवा वॉलिंटियर्स मो. जिन्ना, नीरज कुमार, मिंकु प्रसाद, रशीद अंसारी, मेघाली सेनगुप्ता, बीना देवी, प्रमोद कुमार, मेहुल दूबे, आरजू शबा, अंकिता सिंह, श्रुति तिवारी, अनुष्का कुमारी, ऋचा कुमारी, बुलबुल कुमारी, खुशी भारती, वीणा कुमारी, रानी कुमारी, ऐश्वर्या सिंह, स्वाति कुमारी, साइन शिवम, अनुभव शंकर, साक्षी कुमारी, प्रवीण उरांव, शिवानी तिवारी, अमित लकड़ा, फैजान रजा, कामरान खान, खालिद राजा, मेघा राज, सक्षम कुमार, आयुष कुमार, अंजली कुमारी, अनुराग जायसवाल, आकाश कुमार महतो, रिशु कुमार, विक्रांत सहाय, मोहम्मद शाहिद एवं मो. रजा उल्लाह का मुख्य योगदान रहा।
ये भी हुए सम्मानित
डॉ. नवाजिश, समीर गुंजन लकड़ा, विनोद कुमार, संतोषी, आर.के. झा, डॉ. चंचल लकड़ा, डॉ. सुरेश कुमार सामद, डॉ. नीलू प्रिया तिर्की, अमित कुमार, अनुभव कुमार एवं अनीता सिन्हा सहित विश्वविद्यालय एवं विभिन्न शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों एवं प्राध्यापकों को भी सम्मानित किया गया।
हमारे व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें