द फॉलोअप डेस्क:
कैश फॉर क्वेरी मामले में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ हमलावर रहे झारखंड से बीजेपी सांसद निशिकांत दूबे ने अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। दरअसल, ममता बनर्जी द्वारा उनकी पार्टी की सांसद महुआ मोइत्रा के निष्कासन की आशंकाओं को लेकर दिए गए लोकप्रियता संबंधी बयान पर निशिकांत दुबे ने यह टिप्पणी की है। दरअसल, ममता बनर्जी ने कहा था कि यदि महुआ को निष्कासित किया जाता है तो अगले लोकसभा में उनकी जीत की संभावनाएं बढ़ेंगी।

ममता बनर्जी ने महुआ मोइत्रा पर तोड़ी चुप्पी
ममता बनर्जी ने कैश फॉर क्वेरी मामले में लंबे समय से जारी अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा था कि महुआ मोइत्रा को लोकसभा से निष्कासित करने की योजना बन रही है। इससे उनको मदद ही मिलेगी। महुआ को भगाने की योजना से वह 3 महीने के लिए लोकप्रिय हो जाएंगी और इसका फायदा अगले लोकसभा चुनाव में उनको मिलेगा। बता दें कि इससे पहले कैश फॉर क्वेरी मामले में सुर्खियों में आने के बाद महुआ मोइत्रा को ममता बनर्जी ने कृष्णानगर का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया था।

आजमगढ़ में लड़ा तो जीत जाएगा दाऊद इब्राहिम!
ममता बनर्जी के ताजा बयान पर पलटवार करते हुए झारखंड के गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि यही ममता बनर्जी जैसे लोगों का सिद्धांत है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम जैसे लोग भी पसंद होंगे क्योंकि यदि वह यूपी के आजमगढ़ से चुनाव लड़ेगा तो जीत की संभावना 99 फीसदी है। यदि जीत ही लोकप्रियता का आधार है तो फिर ममता बनर्जी जैसे लोगों के लिए दाऊद इब्राहिम जैसे लोग गद्दार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन में शामिल दलों को दाऊद इब्राहिम जैसे गद्दार लोग पसंद हैं। बता दें कि वह निशिकांत दुबे ही थे जिन्होंने लोकसभा में कैश फॉर क्वेरी का मामला उठाया था।
महुआ मोइत्रा की सांसदी रद्द करने की मांग की गई
गौरतलब है कि बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा पर आरोप है कि उन्होंने कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से उपहार और आर्थिक सहयोग लेकर संसद में उनको फायदा पहुंचाने वाले सवाल पूछे। महुआ पर यह भी आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर ऐसे सवाल पूछे जिससे अडाणी ग्रुप की छवि को धक्का लगता। इसी मामले में लोकसभा की एथिक्स कमिटी ने उनको निष्कासित करने की मांग की है। इस बीच मुद्दे को लेकर सियासत गरमा गई है।