द फॉलोअप डेस्क
आज मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य सरकार सिंचाई के दायरे को 27 लाख हेक्टेयर से ज़्यादा तक बढ़ाकर सिंचाई की कमी को दूर करने पर काम कर रही है। इसमें PM-KUSUM योजना के तहत सोलर-पावर्ड सिंचाई को बढ़ाने पर खास ज़ोर दिया जा रहा है। 1 जुलाई को ट्विटर पर जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मकसद पूरे राज्य में सोलर-पावर्ड वॉटर पंपों का इस्तेमाल काफी बढ़ाना है, ताकि साल भर सिंचाई हो सके, खेती की पैदावार बढ़ाई जा सके और किसानों की आमदनी में सुधार हो सके।

असम की लगभग 70 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर
इस पहल की अहमियत बताते हुए सरमा ने कहा कि असम की लगभग 70 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर है, जबकि राज्य के करीब 85 प्रतिशत किसान छोटे और सीमांत ज़मीन वाले हैं। उन्होंने कहा कि असम लंबे समय से मॉनसून की अनियमित बारिश, पानी जमा करने के लिए अपर्याप्त बुनियादी ढांचे, बार-बार पड़ने वाले सूखे और महंगे डीज़ल-पावर्ड सिंचाई पंपों पर ज़्यादा निर्भरता जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिनका खेती की पैदावार पर बुरा असर पड़ा है।

किसानों को साल भर पानी की भरोसेमंद सुविधा मिलेगी
मुख्यमंत्री के अनुसार, सोलर-पावर्ड सिंचाई का दायरा बढ़ाने से किसानों को साल भर पानी की भरोसेमंद सुविधा मिलेगी, फसलों की विविधता को बढ़ावा मिलेगा, खेती की पैदावार बढ़ेगी और डीज़ल पंपों की जगह साफ़ ऊर्जा वाले विकल्प इस्तेमाल करने से कार्बन उत्सर्जन कम होगा। यह पहल असम सरकार की खेती के क्षेत्र को आधुनिक बनाने और टिकाऊ, जलवायु-अनुकूल सिंचाई बुनियादी ढांचे के ज़रिए किसानों की आजीविका को बेहतर बनाने की व्यापक कोशिशों का हिस्सा है।
