द फॉलोअप डेस्क
तमिलनाडु में हिंदी भाषी लोगों के साथ मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद से ही प्रवासी मजदूरों में डर का माहौल कायम है। यही वजह है कि बिहार के साथ-साथ झारखंड के भी मजदूर अपने राज्य वापस लौट रहे हैं। इस क्रम में रविवार को झारखंड के कई मजदूर रांची रेलवे स्टेशन पहुंचे। उनका कहना है कि वीडियो में हिंदी भाषी मजदूरों के साथ मारपीट होते देखकर सभी डर गए हैं। इसलिए मजदूर वापस लौट रहे हैं। इधर, मजदूरों की सुरक्षा को लेकर मंत्री मिथिलेश ठाकुर का कहना है कि मजदूरों की सुरक्षा को लेकर हमारी सरकार गंभीर है। मजदूरों को तंग करने का वीडियो सरकार के सामने जैसे ही आया है फौरन इस पर संज्ञान लेते हुए सरकार ने डीआईजी के नेतृत्व में एक टीम तमिलनाडु भेजी है। उनका कहना है कि जो भी झारखंडवासी राज्य के बाहर रहकर जीवन यापन कर रहे हैं सरकार उनके साथ है।

पूरी तरह से तैयार है टीम
मंत्री मिथिलेश ने कहा कि कोरोना काल में राज्य सरकार ने झारखंड के बाहर काम करने वाले मजदूरों को सबसे पहले विमान और बस भेज कर वापस बुलाया। ठीक उसी तरह तमिलनाडु में भी यदि मजदूरों के साथ दुर्व्यवहार हो रहा है तो उनकी सुरक्षा के लिए हमारी टीम पूरी तरह से तैयार है। अपने राज्य के लोगों की सुरक्षा के लिए तमिलनाडु सरकार से भी हमारी सरकार बात करेगी।

तमिलनाडु सरकार कह रही डरने की जरूरत नहीं
मजदूरों ने बताया कि तमिलनाडु सरकार सभी मजदूरों को कह रही है कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं। मगर जिस तरह से वीडियो वायरल हुआ है उससे मजदूरों का डरना लाजमी है। वैसे तमिलनाडु की सरकार के संबंध में बताया गया कि उन्होंने टोल फ्री नंबर भी जारी किया है। हिंदी भाषी लोगों से अपील की जा रही है कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। अगर कोई असामाजिक तत्व हिंदी भाषी को डराता है तो फौरन टोल फ्री नंबर पर संपर्क करें।

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