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जामताड़ा में महिला के गर्भपात मामले ने पकड़ा तूल, दिशोम आदिवासी संघ ने खोला मोर्चा

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जामताड़ा
जामताड़ा जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर दिशोम आदिवासी संघ ने मोर्चा खोल दिया है. संघ ने राज्यपाल के नाम डीसी के माध्यम से ज्ञापन सौंपते हुए स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त अनियमितताओं, डॉक्टरों की कमी और मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिलने का गंभीर आरोप लगाया है.  
प्रसूता को डॉक्टर नहीं मिलने पर मामले ने पकड़ा तूल
इस मामले को लेकर आक्रोश उस समय और बढ़ गया जब मिहिजाम थाना क्षेत्र के केलाही गांव की एक आदिवासी महिला प्रीति हांसदा, जो पांच माह की गर्भवती थीं, पूरी रात ब्लीडिंग से तड़पती रहीं लेकिन अस्पताल में कोई डॉक्टर उन्हें देखने तक नहीं पहुंचा. परिजनों ने आरोप लगाया कि समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण रविवार को निजी अस्पताल में उनका गर्भपात हो गया. इस घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है.
सरकारी अस्पतालों में हो सभी सुविधा: भारत दिशोम आदिवासी संघ
भारत दिशोम आदिवासी संघ के जिला उपाध्यक्ष अफिसर सोरेन ने कहा कि जिले के सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की भारी कमी है. डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के रिक्त पदों के कारण मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने कहा कि कई स्वास्थ्य केंद्रों में लगातार लापरवाही और अनियमितताएं सामने आ रही हैं, जिससे गरीब और ग्रामीण जनता सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही है. संघ ने मांग की है कि सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के रिक्त पदों को जल्द भरा जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए. साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की भी मांग उठाई गई है.

नहीं हुआ व्यवस्था ठीक तो होगा आंदोलन
इधर, झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो ने भी मामले को गंभीरता से लिया है. उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट के माध्यम से जामताड़ा उपायुक्त को घटना की जानकारी देते हुए तत्काल जांच कराने तथा संबंधित कर्मियों एवं पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया है. साथ ही जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने को भी कहा गया है. आदिवासी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की होगी. ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी तथा सिविल सर्जन जामताड़ा को भी भेजी गई है.

 

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