द फॉलोअप, रांची
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने धनबाद को टार्गेट पर लिया है। अब सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या अमित शाह के सक्रिय होने के बाद धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में कोयले के अवैध खनन और व्यवसाय पर अंकुश लगेगा। हालांकि कोयले के व्यवसाय से जुड़े जानकार अब इतना अवश्य स्वीकार रहे हैं कि कुछ न कुछ फर्क अवश्य पड़ेगा। क्योंकि जिद्दी स्वभाव के अमित शाह के फरमान की अनदेखी करना फिलहाल किसी के लिए आसान नहीं होगा। कल उन्होंने धनबाद व उसके आसपास के इलाके में जारी कोयला चोरी को गंभीरता से लिया। कहा भी जाता है कि धनबाद के कोयले पर अमित शाह की पहले से नजर रही है। पिछले कुछ दिनों से गैंगेस्टर प्रिंस खान की धमकी, सांसद ढुल्लू महतो और विधायक अरूप चटर्जी के बीच के विवाद से धनबाद का अवैध कोयला व्यवसाय सुर्खियों में आ गया है। इसी कारण भी रविवार को दिल्ली में कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी,कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) और भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL)के अधिकारियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने जीरो कोल लीकेज प्लान को लागू करने का सख्त निर्देश दिया है। इस प्लान में कोयले का अवैध खनन और उसकी गैर कानूनी ढुलाई को प्रभावी ढंग से रोकने का फरमान है। इसके लिए अमित शाह ने कोयला क्षेत्रों के संवेदनशील इलाकों में सीआईएसएफ की क्विक रिस्पॉन्स टीम बनाने और बहुसत्रीय सुरक्षा व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया है। अमित शाह ने तकनीक के अधिक से अधिक इस्तेमाल पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में लगे हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों का उपयोग अवैध खनन वाले क्षेत्रों और इसमें शामिल लोगों की पहचान के लिए किया जाए। उच्चस्तरीय बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि कोयले के परिवहन की निगरानी और अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए ई-वे बिल की नियमित जांच की व्यवस्था की जाएगी, जिसमें आवश्यकता पड़ने पर जीएसटी अधिकारियों की भी मदद ली जाएगी। गृह मंत्री ने कोयला मंत्रालय को निर्देश दिया कि अवैध खनन और कोयला चोरी के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार सार्वजनिक संसाधनों की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और वैध कोयला खनन के हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।

सीआईएसएफ की तैनाती और कई अन्य मुद्दों पर जोर
बैठक में कोयला चोरी रोकने के लिए सीआईएएस की तैनाती और उसे प्रभावशाली बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में बताया गया कि सीआईएसएफ और कोल इंडिया को माइंस एंड मिनरल्स डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन एक्ट के तहत विशेष अधिकार दिए गए हैं। वह कोयले के अवैध भंडारण पर छापामारी और तलाशी ले सकता है। अवैध खनन में इस्तेमाल किए गए गैर कानूनी मशीनों को जब्त कर सकता है। सूत्रों का कहना है कि अमित शाह की बैठक से पूर्व पिछले तीन दिनों में तीन बैठकें आयोजित की गयी। उसमें पूरा प्लान और रोडमैप तैयार किया गया।
