द फॉलोअप डेस्क
राज्य में पेंशन योजना के लाभ के तहत मिलने वाली राशि लाभुक को मिल रही है या नहीं, इसका सत्यापन होगा। महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव कृपानन्द झा ने बुधवार को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा करते हुए यह निर्देश दिया। इस बैठक में सामाजिक सुरक्षा झारखंड के निदेशक छवि रंजन भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर कुल 7.437 पेंशनधारियों को या तो Airtel Payment Bank/ Paytm Payment Bank के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है। क्योंकि यह Virtual Bank Account है और यह मोबाईल नंबर से संचालित होता है। इसलिए एक-एक लाभुक का सत्यापन कराने का निदेश सभी सहायक निदेशक जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग को सचिव ने दिया है। उन्हें यह पता करने का निर्देश दिया कि क्या सभी वास्तविक लाभुकों को पेंशन मिल रहा है? क्या वे इससे अवगत भी हैं? या किसी अन्य को लाभ प्राप्त हो रहा है? इसके अलावा पेंशन भुगतान की राशि प्राप्ति में आ रही कठिनाईयों को दूर करने का निदेश दिया गया। इस तरह के भुगतान को प्रत्येक छह (06) माह में सत्यापन करने का निदेश दिया गया।

पेंशन भुगतान में दिक्कत हो तो एक-एक लाभुक तक पहुंचे
बैठक के दौरान निर्देश दिया गया कि पेंशन भुगतान के क्रम में जिन पेंशनधारियों का भुगतान असफल हो जाता है, उन सभी एक-एक लाभुक तक पहुंचे। पेंशन भुगतान में आ रही बैंक व आधार से संबंधित समस्याओं के निराकरण का निर्देश सचिव ने सभी सहायक निदेशक जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग को दिया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक किसी भी लाभुक का लगातार भुगतान नहीं हो पाना गंभीर समस्या है। राज्य स्तर पर विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत कुल 18,901 लाभुकों का भुगतान असफल हुआ, इस पर सभी सहायक निदेशक जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग को संवेदनशील होने की जरूरत हैं। किसी भी परिस्थिति में किसी भी लाभुक का लंबे समय तक पेंशन बाधित नहीं होना चाहिए, अन्यथा गंभीरतापूर्वक लिया जाएगा।

6 जिलों का प्रदर्शन खराब, सचिव ने किया सचेत
धनबाद, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, रांची और रामगढ़ में वृद्धा पेंशन में आच्छादन आशानुरूप नहीं हुआ। इस पर सचिव ने उन जिलों को सचेत किया। कहा, मुख्यमंत्री द्वारा क्षेत्र भ्रमण किया जा रहा है। आशानुरूप उपलब्धि नहीं होने पर गंभीरतापूर्वक लिया जा सकता है। इसी प्रकार निराश्रित महिला सम्मान पेंशन एवं दिव्यांग पेंशन में भी निर्देश दिया गया। वहीं, जिन जिलों में संभावित लक्ष्य के विरूद्ध ज्यादा स्वीकृति है, उन जिलों में सत्यापन कराने का निर्देश दिया गया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अयोग्य लाभुक लाभ न ले सके। जिन जिलों में संभावित लक्ष्य के विरूद्ध शत-प्रतिशत आच्छादन नहीं है, वहां व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए विशेषकर शहरी क्षेत्रों में योग्य व्यक्तियों का जोड़ने का निर्देश दिया।
5 जिलों ने नहीं दिया भौतिक सत्यापन प्रतिवेदन
समीक्षा के दौरान खूंटी, जामताड़ा, साहेबगंज, कोडरमा एवं धनबाद द्वारा भौतिक सत्यापन प्रतिवेदन नहीं देने पर सचिव ने सख्त नाराजगी जताई। कहा, राज्य स्तरीय बैठक में समय पर प्रतिवेदन नहीं उपलब्ध कराने से पदाधिकारी की नकारात्मक छवि बनती है।
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