पूर्वी सिंहभूम
पोटका प्रखंड में मलेरिया के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्थानीय विधायक संजीव सरदार सोमवार को प्रभावित गांवों के दौरे पर पहुंचे। हाल ही में क्षेत्र में ब्रेन मलेरिया से तीन बच्चों की मौत हुई थी। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग के साथ हुई आपात बैठक के बाद विधायक ने सानग्राम और मलेरिया का हॉटस्पॉट बन चुके कोंदर गांव का जमीनी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने घर-घर चल रहे स्वास्थ्य जांच अभियान और डीडीटी छिड़काव कार्यों का जायजा लिया ताकि लोगों को मलेरिया से बचाव और समय पर जांच कराने के प्रति जागरूक किया जा सके।
पीड़ित परिवार से मिले विधायक
इसके बाद विधायक हरिणा पंचायत के कोंदर गांव पहुंचे, जो मलेरिया का हॉटस्पॉट बन चुका है। यहां ब्रेन मलेरिया से दो बच्चों की मौत हो चुकी है। विधायक ने गांव में चल रहे मलेरिया जांच अभियान एवं डीडीटी छिड़काव कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने मृत दोनों बच्चों के पिता महावीर सरदार से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की, दुख की इस घड़ी में उन्हें ढांढस बंधाया तथा आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया। उन्होंने अधिकारियों से राहत कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी।
दस सालो से केंद्र ने बंद किया डीटीटी छिड़काव
विधायक संजीव सरदार ने कहा कि पिछले दस सालों से केंद्र सरकार द्वारा संचालित डीटीटी छिड़काव बंद है। जिससे अब बीमारी तेज़ी से फैल रही है। अब इसके चैन को तोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर डीटीटी छिड़काव की आवश्यकता है। विधायक संजीव सरदार ने कहा कि मलेरिया संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए घर-घर स्वास्थ्य जांच और व्यापक स्तर पर डीडीटी छिड़काव सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि प्रभावित गांवों में जांच अभियान, दवा वितरण और जनजागरूकता कार्यक्रम को और तेज किया जाए, ताकि संक्रमण की चेन को समय रहते तोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रशासन पूरी तत्परता के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए है।