द फॉलोअप डेस्क, रांची:
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता की जांच कर रही CID की SIT के सामने हर दिन नए तथ्य सामने आ रहे हैं। JPSC की परीक्षाओं में धांधली के बाद अब CID की जांच का फोकस JSSC- CGL पर हो गया है। अभय तिवारी से पूछताछ के बाद सामने आए तथ्य और उसके बाद उसके भाई अक्षय तिवारी और पत्नी सुषमा कुमारी की गिरफ्तारी के बाद CGL परीक्षा में अनियमितता की कई जानकारी सामने आई है। CID ने पिछले दिनों JSSC के सचिव सुधीर गुप्ता से भी पूछताछ की थी। उसके बाद JSSC का सर्वर रूम सील किया था।

कोलकाता के वेबल दफ्तर से CID को मिले थे कागजात
जांच में जो जानकारी है उसके अनुसार CID की एक टीम करीब 10 दिन पहले कोलकाता गई। उसके बाद वह JSSC- CGL परीक्षा लेने वाली एजेंसी के दफ्तर गई। जहां से सीआईडी को कई अहम दस्तावेज हाथ लगे थे। उसी के बाद सीआईडी को यह जानकारी मिली कि परीक्षा का काम तो मिला वेबल को था लेकिन प्रश्न पत्र और ओएमआर शीट आईसीएन प्रेस गुड़गांव में छपा था। वेबल पश्चिम बंगाल सरकार की एक पीएसयू है। उसके कई विंग हैं। उसके बाद ही सीआईडी ने वेबल के 2 कर्मियों सोमांस प्रकाश और राहुल कुमार को गिरफ्तार किया था। दोनों एजेंसी की ओर से सीजीएल परीक्षा का सारा काम देखते थे।

वेबल ने आइसीएन को किए करीब 5 करोड़ का भुगतान
जो जानकारी मिल रही है उसके अनुसार JSSC से काम मिलने के बाद वेबल ने प्रश्न पत्र और ओएमआर शीट प्रिंटिंग करवाने का काम आईसीएन प्रेस करवाया था। जिसके लिए बाकायदा प्रत्येक प्रश्न पत्र की छपाई का पच्चीस से तीस रुपए के भुगतान हुए थे। जो जानकारी है उसके अनुसार कुल करीब उन्नीस लाख प्रश्न पत्र प्रकाशित हुए थे। और इसका भुगतान करीब पाँच करोड़ रुपए वेबल ने आईसीएन को किया था।