द फॉलोअप डेस्क, रांची:
झारखंड लोक सेवा आयोग की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच के दौरान सीआईडी पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसी के सामने दिए गए बयान में मामले के कथित मास्टरमाइंड अभय तिवारी के करीबी उमेश कुमार ने दावा किया है कि 11 अभ्यर्थियों ने पैसे देकर परीक्षा में सफलता हासिल की थी।
उमेश कुमार होटल कारोबार में अभय तिवारी का पार्टनर भी रहा है। पूछताछ में उसने बताया कि अभ्यर्थियों के सर्टिफिकेट उसके पास रखे गए थे, जबकि कथित तौर पर परीक्षा पास कराने के लिए दिए गए पैसे अभय तिवारी तक उसके साले सौरभ तिवारी के जरिए पहुंचाए गए थे।
जांच में एक और अहम जानकारी सामने आने का दावा किया गया है। उमेश के अनुसार, जिन 11 अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट टीडीपीएल कंपनी के निदेशक रामबीर को दी गई थी, वे सभी प्रारंभिक परीक्षा में सफल घोषित हुए। इनमें कपिल महतो, संतोष कुमार, वंदना कुमारी, दिलीप राणा, ओम प्रकाश राणा, शिवम सिंह, पवन मुंडा, रॉकी सचिन लकड़ा, मनोज कुमार, रौशन केरकेट्टा और उमाकांत उरांव के नाम बताए गए हैं।

CID को उमेश ने और क्या बताया?
इस मामले में पहले भी आरोपियों के बयानों में अभ्यर्थियों से पैसे लेने और करीब 100 छात्रों को जेपीएससी की पीटी परीक्षा पास कराने की बात सामने आ चुकी है। हालांकि पहले के बयानों में यह स्पष्ट नहीं हुआ था कि पैसे देकर परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या कितनी थी और उनके नाम व रोल नंबर क्या थे। उमेश के कथित बयान को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें पहली बार 11 अभ्यर्थियों के नाम सामने आने का दावा किया गया है। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया में होने वाले साक्ष्यों से ही होगी।