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सड़क पर सवाल-3 : हम तुम्हारे लिए, तुम हमारे लिए

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जीतेंद्र कुमार
राज्य में बन रही सड़कों पर सवाल उठना लाजिमी है। उठे भी क्यों नहीं। 222.65 करोड़ एवं 246.94 करोड़ के टेंडर में तकनीकी रूप से सफल होनेवाली कंपनी, मात्र 149.18 के टेंडर में तकनीकी रूप से असफल हो जाती है। वह बड़े काम के लिए अपनी निविदा के साथ क्रेडिट फैसिलिटी ऑफ बैंक से जुड़ा सर्टिफिकेट सौंपता है। लेकिन 149.18 करोड़ के टेंडर में निविदा के साथ क्रेडिट फैसिलिटी ऑफ बैंक से जुड़ा सर्टिफिकेट नहीं सौंपता है और उसका टेंडर तकनीकी रूप से अमान्य कर दिया जाता है। हालांकि जानकार बताते हैं कि उच्चस्तरीय जांच हो जाए तो शायद इसका भी खुलासा हो सकता है कि उपरोक्त सर्टिफिकेट सौंपा गया हो। लेकिन किसी दूसरी कंपनी को टेंडर देने के लिए सर्टिफिकेट के अनुपलब्ध होने का कारण इजाद कर दिया गया हो। हालांकि सड़क निर्माण के टेंडर में हम तुम्हें टेंडर लेने में मदद करेंगे, तुम मुझे टेंडर लेने में मदद करो का खेल भी चल रहा है। इसके लिए कहीं हम जरूरी कागजात नहीं सौंपेंगे तो कहीं अधिक रेट कोट कर तुम्हे एल-1 होने देंगे की सेटिंग-गेटिंग चरम पर है।

कैसे होता है हम तुम्हारे लिए, तुम हमारे लिए का खेल
पथ निर्माण विभाग द्वारा एडीबी रोड से दुमका-रामपुर हाईवे होते हुए एयरपोर्ट तक बनने वाली सड़क का अगस्त 2024 में टेंडर (आईडी-2024_CECOM_88055-1) जारी किया गया था। इस टेंडर का बीड डोक्युमेंट 222.65 करोड़ था। इस टेंडर में भारत वाणिज्य इस्टर्न प्राइवेट लिमिटेड कोलकाता, दिनेशचंद्र आर अग्रवाल इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड दिशा (गुजरात) और भारतीया इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिटिमटेड(गुवाहाटी) की निविदा तकनीकी रूप से सही पायी गयी। हालांकि लो रेट के आधार पर सड़क निर्माण का यह काम भारत वाणिज्य ईस्टर्न प्राइवेट लिमिटेड को मिला। इसी तरह झारखंड स्टेट हाईवे अथॉरिटी ऑफ झारखंड ने गोला-मूरी रोड का टेंडर निकाला। इसकी लंबाई 25.16 किलोमीटर दर्शायी गयी। इस सड़क के निर्माण के लिए 246.94 करोड़ का बीड डोक्युमेंट तैयार कर टेंडर आमंत्रित किया गया। 23 अगस्त  2024 को टेंडर खोला गया। भारत वाणिज्य इस्टर्न प्राइवेट लिमिटेड कोलकाता, दिनेशचंद्र आर अग्रवाल इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड दिशा (गुजरात) और भारतीया इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिटिमटेड(गुवाहाटी) तकनीकी रूप से सफल हुए। हालांकि लो रेट कोट करने के कारण गोला-मूरी रोड का यह काम भारत वाणिज्य ईस्टर्न प्राइवेट लिमिटेड को मिला।


अब तीसरे टेंडर की कहानी समझिए। झारखंड स्टेट हाईवे अथॉरिटी ऑफ झारखंड ने बंता-राहे सड़क निर्माण का टेंडर निकाला। इसका टेंडर आईडी-2024_SHAJ_86286_1 था। इस सड़क की लंबाई 30.47 किलोमीटर दर्शायी गयी। 178.22 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति के विरुद्ध 149.18 करोड़ का बीड डोक्युमेंट तैयार कर टेंडर आमंत्रित किया गया। 11 कंपनियों ने टेंडर डाला। 9 जुलाई 2024 को टेंडर खोला गया। भरतीया इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिटिमटेड गुवाहाटी और गंगा कंस्ट्रक्शन-पूजा इंटरप्राइजेज (जेवी) रांची, दो ही कंपनियों की निविदा तकनीकी रूप से सही पायी गयी। गंगा कंस्ट्रक्शन-पूजा इंटरप्राइजेज (जेवी) रांची ने 162.23 करोड़ और भरतीया इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिटिमटेड गुवाहाटी ने अपने फायनांशियल बीड में 171.81 करोड़ रुपए कोट किया। इस आधार पर गंगा कंस्ट्रक्शन को एल-1 और भरतीया को एल-2 घोषित किया गया। अब यहां 222.65 करोड़ एवं 246.94 करोड़ के टेंडर में तकनीकी रूप से सफल होनेवाली कंपनी भारत वाणिज्य इस्टर्न प्राइवेट लिमिटेड कोलकाता की तकनीकी निविदा इस आधार पर रिजेक्ट कर दी गयी क्योंकि उसके निविदा के साथ क्रेडिट फैसिलिटी ऑफ बैंक से जुड़ा सर्टिफिकेट नहीं था। क्या यह सामान्य समझ की बात है। कोई कंपनी लाखों रुपए खर्च कर टेंडर डालती है और वह बैंक सर्टिफिकेट ही नहीं अटैच करे। वह भी छोटे काम के लिए। लेकिन सड़क निर्माण से जुड़े टेंडरों में यही हो रहा है। हम तुम्हारे लिए, तुम हमारे लिए। हम तुम्हारे लिए विफल हो जाएंगे, तुम हमारे लिए विफल हो जाओ। मिल बांट कर खाओ। 


 

Tags - Jharkhand road construction tender game of setting and getting tender for the banned road