पाकुड़
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज के जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। संथाल परगना दौरे के अंतिम दिन बुधवार को आयोजित बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह PVTG के मतदाताओं को SIR के तहत दस्तावेज जमा करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
SIR में दस्तावेज जमा करने में न हो परेशानी
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि PVTG वर्ग के मतदाताओं का विवरण पहले से ही प्रखंड स्तर के कार्यालयों में उपलब्ध रहता है। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाए कि उन्हें SIR के दौरान दस्तावेज जमा करने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। इसके लिए संबंधित अधिकारी पहले से आवश्यक व्यवस्था करें।
मतदाता सूची पुनरीक्षण में ERO और AERO की अहम भूमिका
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम में ERO और AERO की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मतदाता सूची के निर्माण, नोटिस जारी करने और सुनवाई के बाद निर्णय लेने की शक्तियां उन्हें प्रदान की गई हैं। उन्होंने अधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन करते हुए कार्य करने का निर्देश दिया।
1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष के होने वाले युवा बन सकेंगे मतदाता
उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान नए मतदाताओं को जोड़ने का भी प्रावधान है। ऐसे सभी भारतीय नागरिक, जो अभी मतदाता के रूप में पंजीकृत नहीं हैं और 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, वे 30 जून 2026 से 29 जुलाई 2026 तक चलने वाले एन्यूमरेशन चरण तथा 5 अगस्त 2026 से 4 सितंबर 2026 तक चलने वाली दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान प्रपत्र-6 में आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज और जन्मतिथि संबंधी घोषणा पत्र भी देना होगा।
एन्यूमरेशन फॉर्म की दो प्रतियां रखने की सलाह
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने साहिबगंज जिले के बरहरवा प्रखंड और गोड्डा जिले के सुंदरपहाड़ी प्रखंड का भी दौरा किया, जहां विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि एन्यूमरेशन फॉर्म दो प्रतियों में भरा जाना चाहिए। एक प्रति जमा की जाए और दूसरी प्रति आवेदक अपने पास सुरक्षित रखे, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या न हो और किसी योग्य मतदाता का नाम सूची से न छूटे।
11 प्रकार के दस्तावेज मान्य
पाकुड़ उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने कहा कि SIR के दौरान यदि किसी प्रकार की त्रुटि सामने आती है तो केवल जाति या निवास प्रमाण पत्र ही आवश्यक नहीं है। आयोग द्वारा मान्य 11 प्रकार के दस्तावेजों में से कोई भी एक दस्तावेज प्रस्तुत कर प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
बैठक में गोड्डा के जिला निर्वाचन पदाधिकारी लोकेश मिश्रा, पाकुड़ की जिला निर्वाचन पदाधिकारी मेघा भारद्वाज, साहिबगंज के जिला निर्वाचन पदाधिकारी दीपक कुमार दुबे सहित तीनों जिलों के ERO, AERO, उप निर्वाचन पदाधिकारी और निर्वाचन कार्य से जुड़े अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक के अंत में उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार को भगवान बुद्ध की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया।