logo

भाजपा ने रचा हेमंत सरकार को बदनाम करने का राजनीतिक षड्यंत्र : विनोद कुमार पांडेय

binodJMM.jpg

रांची 
झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने झारखंड में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार को राजनीतिक रूप से बदनाम करने के उद्देश्य से एक सुनियोजित साजिश रची गई। उन्होंने कहा कि JPSC और JSSC से जुड़ी विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं की कड़ियों को जोड़ने पर यह गंभीर सवाल खड़ा होता है कि आखिर लखनऊ, उत्तर प्रदेश में विवादों और जांच के घेरे में रही टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) जैसी एजेंसी को झारखंड की महत्वपूर्ण भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने की परिस्थितियां क्या थीं। 

भाजपा पर लगाये ये आरोप 
उन्होंने आरोप लगाया है कि भाजपा नेताओं ने ऐसी विवादित एजेंसी को झारखंड की भर्ती प्रक्रिया तक पहुंचने का रास्ता देकर हेमंत सरकार को बदनाम करने और राज्य के युवाओं को दिगभ्रमित करने का षड़यंत्र रचा है। इसकी परत दर परत आगे की जांच में उभरते जाएगी और भाजपा का घिनौना चेहरा बेनकाब होता जाएगा। सब सामने आएगा इस पूरी साजिश के पीछे कौन लोग थे। विनोद पांडेय ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार की प्राथमिकता झारखंड के युवाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। लेकिन परीक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की सेंधमारी, OMR शीट में कथित हेरफेर या डेटा से छेड़छाड़ की कोशिश युवाओं के अधिकारों पर सीधा हमला है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई ने साफ किया सरकार का रुख
झामुमो महासचिव ने कहा कि जैसे ही परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी की जानकारी सामने आई, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच एजेंसियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। CID और पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई, संबंधित ठिकानों की जांच, डिजिटल एवं अन्य साक्ष्यों का संकलन तथा संदिग्ध लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई यह स्पष्ट करती है कि सरकार किसी भी प्रकार की अनियमितता पर पर्दा डालने के पक्ष में नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रभावित परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। हेमंत सोरेन सरकार परीक्षा माफिया या किसी भी निजी एजेंसी को युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं देगी।

यूपी के विवादित रिकॉर्ड की भी हो निष्पक्ष जांच
विनोद पांडेय ने कहा कि TDPL को लेकर उत्तर प्रदेश में वर्ष 2018 से 2021 के बीच आयोजित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के संदर्भ में उठे विवादों और जांच का रिकॉर्ड भी सामने आना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि वहां इस एजेंसी की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठे थे, तो झारखंड में उसे परीक्षा व्यवस्था से जोड़ने के निर्णय की भी गहन जांच आवश्यक है।

दोषियों के साथ-साथ साजिश के सूत्रधार भी सामने आएं
झामुमो महासचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का स्पष्ट निर्देश है कि जांच निष्पक्ष हो और दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाए। उन्होंने कहा कि केवल परीक्षा से जुड़े कर्मचारियों या एजेंसी के लोगों पर कार्रवाई कर पूरे मामले का पटाक्षेप नहीं किया जा सकता। जांच की अंतिम कड़ी उन लोगों तक पहुंचनी चाहिए, जिन्होंने भर्ती परीक्षा की व्यवस्था में सेंधमारी की योजना बनाई, उसे संरक्षण दिया या उससे राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि यदि जांच में राजनीतिक साजिश के आरोप सही साबित होते हैं, तो भाजपा को झारखंड के युवाओं से जवाब देना होगा कि उनके भविष्य को राजनीतिक हथियार बनाने की कोशिश क्यों की गई।

Tags - Vinod Pandey BJP Hemant Soren Jharkhand Politics Political Conspiracy