logo

मां बेचती हैं चाय, पिता हैं LIC एजेंट; किसान परिवार के बच्चें ने UPSC क्रैक किया

CAPF.jpg

रांची 

सपनों को पंख देने के लिए संसाधनों से ज्यादा जरूरी है जुनून, अनुशासन और सही दिशा। झारखंड के चार युवाओं ने इस बात को सच साबित कर दिखाया है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित Central Armed Police Forces परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर इन युवाओं ने न सिर्फ अपने परिवार का नाम रोशन किया, बल्कि देश सेवा के अपने सपने को भी नई उड़ान दी है। राजधानी रांची स्थित CATALYST IAS से मुख्य रूप से इंटरव्यू की तैयारी के लिए मिले मार्गदर्शन ने इन चारों युवाओं को सफलता के अंतिम पड़ाव को पार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। CATALYST IAS के निदेशक विशाल सिंह ने इन चारों युवाओं को इंटरव्यू की बारीकियों, व्यक्तित्व प्रस्तुति और सवालों के संतुलित जवाब देने को लेकर व्यक्तिगत मार्गदर्शन दिया। विशाल सिंह का कहना है कि चारों अभ्यर्थियों ने अपनी मेहनत और सेल्फ स्टडी के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। उनकी भूमिका मुख्य रूप से इंटरव्यू की तैयारी करने की रणनीति तक सीमित रही। वे कहते हैं, “मैं इनकी सफलता का पूरा श्रेय नहीं लेना चाहता। इन चारों ने खुद मेहनत की है। मेरी भूमिका सिर्फ इंटरव्यू के लिए सही दिशा और गुरु मंत्र देने की रही।”

वर्दी पहनकर देश की सेवा करने का सपना

UPSC CAPF परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित एक राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा है। इसके माध्यम से देश के केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में Assistant Commandant के पदों पर भर्ती की जाती है। इस परीक्षा के जरिए BSF, CRPF, CISF, ITBP और SSB जैसे महत्वपूर्ण केंद्रीय बलों में अधिकारियों का चयन होता है। धनबाद के चासनाला निवासी विशाल कुमार सिंह ने UPSC CAPF में 212वीं रैंक हासिल कर अपने सपने को साकार किया है। साधारण परिवार से आने वाले विशाल के पिता LIC एजेंट हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने बेटे के सपनों को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। विशाल ने NCC से जुड़कर देश सेवा की भावना को और मजबूत किया। इसके बाद उन्होंने पॉलिटेक्निक की पढ़ाई पूरी की और पढ़ाई जारी रखने के लिए नौकरी भी की। हालांकि, मन में वर्दी पहनकर देश की सेवा करने का सपना लगातार जीवित रहा। इसी जुनून के साथ उन्होंने CAPF की तैयारी की और दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की। विशाल की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं।

आर्थिक अभाव प्रतिभा की राह रोक नहीं सकता

हजारीबाग जिले के बरही प्रखंड अंतर्गत तेलुडीह गांव के रहने वाले विकास कुमार किसान परिवार से आते हैं। आर्थिक परिस्थितियां उनके अनुकूल नहीं थीं, लेकिन उन्होंने कभी अपने लक्ष्य के सामने परिस्थितियों को आड़े नहीं आने दिया। विकास ने UPSC CAPF में 277वीं रैंक हासिल की। खास बात यह है कि अपने पहले प्रयास में वे फिजिकल टेस्ट में बाहर हो गए थे। लेकिन असफलता को उन्होंने अंत नहीं माना। उन्होंने दोबारा पूरी ताकत और नए संकल्प के साथ तैयारी की और दूसरे प्रयास में Assistant Commandant बनने का सपना पूरा कर लिया। रांची के रातू निवासी अंकित आशीष मिश्रा की सफलता संघर्ष की ऐसी कहानी है, जो हर किसी को प्रेरित करती है। अंकित के माता-पिता सड़क किनारे एक छोटी से दुकान लगाते हैं। आर्थिक चुनौतियों के बीच पढ़ाई जारी रखना उनके लिए आसान नहीं था। कॉलेज के दिनों में अंकित ने खुद ट्यूशन पढ़ाकर कॉलेज की फीस का खर्च उठाया। उनका मकसद साफ था परिवार पर अपनी पढ़ाई का अतिरिक्त बोझ नहीं डालना। उन्होंने CATALYST IAS में इंटरव्यू गाइडेंस लिया। अंकित के मुताबिक, विशाल सर ने उन्हें व्यक्तिगत स्तर पर इंटरव्यू की तैयारी कराई और छोटी-छोटी बारीकियों पर काम कराया। इसका परिणाम रहा कि अंकित ने शानदार प्रदर्शन किया और 236वीं रैंक हासिल की। अंकित की कहानी बताती है कि आर्थिक अभाव प्रतिभा की राह रोक नहीं सकता, अगर इरादे मजबूत हों।

दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर सफलता की इबारत लिखी

इस सफलता की चौथी प्रेरणादायक कहानी है सिंगराई हांसदा की, जिन्होंने UPSC CAPF में 258वीं रैंक हासिल की। शुरुआत से ही पढ़ाई में मेधावी रहे सिंगराई ने JE की परीक्षा पास कर नौकरी भी की। लेकिन पिता की तरह देश सेवा करने की इच्छा उनके भीतर हमेशा बनी रही। इसी लक्ष्य ने उन्हें CAPF की तैयारी के लिए प्रेरित किया। सिंगराई का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में सेल्फ-डिसिप्लिन सबसे महत्वपूर्ण है। उनका कहना है कि तैयारी के दौरान सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी जरूरी नहीं है, बल्कि उसका सही और सीमित इस्तेमाल करना सीखना चाहिए। इन चारों युवाओं की पृष्ठभूमि अलग है। किसी के पिता LIC एजेंट हैं, कोई किसान परिवार से आता है, किसी के माता-पिता चाय की टपरी चलाते हैं तो किसी ने नौकरी के साथ अपने सपने को जिंदा रखा। लेकिन इनकी सफलता में एक चीज समान है-लगातार मेहनत,अनुशासन और लक्ष्य के प्रति अटूट विश्वास। CATALYST IAS के निदेशक विशाल सिंह के मार्गदर्शन ने इन अभ्यर्थियों को खासकर इंटरव्यू के अंतिम और महत्वपूर्ण पड़ाव में दिशा देने का काम किया। वहीं, इन युवाओं ने अपनी सेल्फ स्टडी और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर सफलता की इबारत लिखी।

Tags - UPSC Central Armed Police Forces CATALYST IAS Government Jobs