रांची
झारखंड के मंत्री और कांग्रेस नेता डॉ. इरफान अंसारी के एक विवादित बयान ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। बिहार में कांग्रेस कार्यालय में हुई तोड़फोड़ पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने भाजपा को खुली चुनौती दे डाली। डॉ. अंसारी ने कहा, "अगर राहुल गांधी जी सिर्फ इशारा कर दें, तो भाजपा का एक भी कार्यालय नहीं बचेगा। हिम्मत है तो झारखंड में आकर देख लो, पूरा नक्शा बदल दूँगा।"
उन्होंने भाजपा पर लोकतंत्र पर हमला करने का आरोप लगाते हुए कहा कि "कार्यालय हमारे लिए मंदिर समान है, और कांग्रेस के मंदिर में तोड़फोड़ करना किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भाजपा की गुंडागर्दी लोकतंत्र पर सीधा हमला है।"

इरफान अंसारी के इस बयान के बाद भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं। नेता विपक्ष अमर बाउरी ने कहा, "डॉ. इरफान अंसारी का बयान उनकी मानसिकता और कट्टरपंथी सोच को उजागर करता है। दम है तो एक बार राहुल जी से आदेश ले ही लीजिए देखते हैं हमारे संविधान और लोकतंत्र पर विश्वास की जीत होती है या आपकी कट्टरपंथी विचारधारा की। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने चुटकी लेते हुए कहा, "इरफान भैया, आप तो आदेश के बाद भी भाजपा का एक झंडा नहीं छू पाएंगे। मैंने तो देवघर के टॉवर चौक पर आपका पूरा कांग्रेस कार्यालय ही ढहा दिया। बरसने वाले मेघ गरजते नहीं!"
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इधर, राज्यसभा सांसद और बिहार विधानसभा चुनाव के पर्यवेक्षक दीपक प्रकाश ने झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी पर तीखा हमला बोला है। बिहार कांग्रेस कार्यालय के बाहर हुए झड़प को लेकर मंत्री इरफान अंसारी के बयान पर दीपक प्रकाश ने कहा कि उनकी राजनीति अब केवल बयानबाज़ी और नौटंकी तक सीमित रह गई है। उन्होंने डॉ. अंसारी को “सर्कस का जोकर” करार देते हुए कहा कि वह झारखंड के जोकर है।
वहीं भाजपा नेता भानु प्रताप शाही ने भी सीधी चुनौती दी। उन्होंने कहा, "इरफान अंसारी भाजपा कार्यालय जलाने की बात करते हैं। बताइए समय और तारीख, किस कार्यालय को जलाने आ रहे हैं – मैं अकेला ही काफी हूँ। अगर झंडा भी छू लिया तो मान लूंगा।"
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