पीयूष मिश्रा/गिरिडीह:
Jharkhand News: गिरिडीह के मर्सी अस्पताल (Mercy Hospital of Giridih) में महिला मरीज की मौत के बाद परिजनों ने आक्रोश जताया। मरीज की मौत से नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर नारेबाजी की। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस (Giridih Police) ने परिजनों को समझा-बुझाकर हालात को नियंत्रित किया। मृतका का नाम मंजू देवी है। मुफस्सिल थानाक्षेत्र अंतर्गत सिहोडीह गांव की रहने वाली मंजू को 4 दिन पहले पथरी के ऑपरेशन के लिए मर्सी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद महिला की हालत बिगड़ती चली गई।

अस्पताल प्रबंधन पर लगे हैं गंभीर आरोप
मंजू देवी के परिवार के एक सदस्य ने दावा किया है कि हालत बिगड़ने पर मरीज को दूसरे अस्पताल में रेफर करने की मांग की गई थी, लेकिन डॉक्टरों ने मरीज की दूसरी सर्जरी कर दी। परिजनों का आरोप है कि दूसरे ऑपरेशन के बाद मंजू देवी की हालत और भी ज्यादा नाजुक हो गई और मंगलवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। मंजू देवी की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉ. अंजू अनिल पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को खारिज किया
इस बीच मर्सी अस्पताल प्रबंधन का पक्ष भी सामने आया है। अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को गलत बताया है। प्रबंधन की ओर से कहा गया है कि मरीज की हालत क्रिटिकल है और उनका इलाज जारी है। हालांकि, परिजनों की ओर से महिला की मौत की पुष्टि की जा रही है, जबकि अस्पताल प्रबंधन ने मरीज को गंभीर बताते हुए इलाज जारी होने की बात कही है। ऐसे में दोनों पक्षों के बयानों में विरोधाभास सामने आया है। फिलहाल पूरे मामले में स्थिति स्पष्ट करने के लिए अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड और चिकित्सकीय तथ्यों की जांच जरूरी है।
अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।