द फॉलोअप डेस्क
हेमंत सरकार लगातार समाज के पिछड़े वर्गों तक पहुंचने के प्रयास में है। राज्य के दुर्गम क्षेत्र में रहने वालों तक भी विकास की रोशनी फैलाने का प्रयास जारी है। इसका ताजा उदाहरण है टुना सबर। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल पर आदिम जनजाति समुदाय के टुना सबर को नया जीवन मिल गया है। गंभीर रूप से त्वचा की बीमारी से पीड़ित टुना सबर का इलाज जमशेदपुर के सदर अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों का मानना है की टुना जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगे।

क्या है पूरा मामला
पूर्वी सिंहभूम के डुमरिया प्रखंड के केंदुआ प्रखंड स्थित दंपाबेडा गांव के रहने वाले टुना सबर को त्वचा की गंभीर बीमारी थी। इसकी जानकारी मंत्री चंपई सोरेन और मुख्यमंत्री को लगी। मुख्यमंत्री ने तत्काल डीसी पूर्वी सिंहभूम विजया जाधव को टुना के बेहतर इलाज का निर्देश दिया। जिसके बाद डीसी ने एंबुलेंस भेजकर टुना सबर को जमशेदपुर स्थित सदर अस्पताल में भर्ती कराया। सदर अस्पताल में चिकित्सकों की एक टीम टुना सबर का इलाज कर रही है और उनके हालत में काफी सुधर है।

शिविर का आयोजन से दंपाबेड़ा की मदद
टुना सबर के मामले के बाद सरकार तुरंत हरकत में आई और उनके गांव दंपाबेड़ा में विशेष शिविर लगाकर सभी सबर परिवारों के स्वास्थ्य की जांच की गई। बता दें की सबर जनजाति के बारह परिवार दंपाबेड़ा में निवास करते हैं। सभी को डाकिया योजना के तहत जनवरी तक का खाद्यान्न मुहैया कराया गया है। मुख्यमंत्री पशुधन योजना के तहत बकरी पालन के लिए सबर परिवार से आवेदन लिए गए हैं। जल्द ही सबर परिवारों को अलग अलग सरकारी योजनाओं से जोड़ दिया जाएगा जिनसे अभी तक सबर परिवार वंचित थे।
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