द फॉलोअप डेस्क
14 अक्तूबर को होनेवाली राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में तीन बहुचर्चित विषयों पर गंभीर चर्चा और मंथन की संभावना है। उनमें राज्य में नगर निकायों का चुनाव, सारंडा को वाइल्ड लाइफ सेंचुरी घोषित करने और पेसा नियमावली प्रमुख है। हालांकि आधिकारिक सूत्रों की माने तो कल की बैठक में तीनों विषयों पर अंतिम निर्णय की संभावना बहुत कम है। ना तो कैबिनेट की बैठक में निकाय चुनाव कराये जाने पर अंतिम मुहर लगने की संभावना है और ना ही सारंडा को वाइल्ड लाइफ सेंचुरी घोषित करने को लेकर ही निर्णय हो सकता है। पेसा पर भी कल की बैठक में पेंच फंस सकता है। वैसे पेसा को लेकर विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। अब कैबिनेट की बैठक में पेसा नियमावली के प्रारूप पर क्या राय बनती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार निकाय चुनाव को लेकर 14 अक्तूबर को झारखंड हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई है। लेकिन नगर विकास विभाग ने आज देर शाम तक निकाय चुनाव कराने के लिए जरूरी प्रक्रिया को अंतिम रूप नहीं दे सका था। विभाग के अधिकतर वरीय अधिकारी कल हाईकोर्ट में होनेवाली सुनवाई को लेकर ही ज्यादा व्यस्त थे। कल भी ये अधिकारी कोर्ट में ही ज्यादा व्यस्त रहेंगे। एक अधिकारी ने बताया कि अभी कैबिनेट में सबसे पहले राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा दी गयी रिपोर्ट पर ही मुहर लगनी बाकी है। उसके बाद निकायों के आरक्षण और रोस्टर निर्धारण संबंधी नियमावली को मंजूरी दी जा सकेगी। मालूम हो कि पिछड़ा वर्ग आयोग ने ट्रिपल टेस्ट संबंधी अपनी रिपोर्ट नगर विकास एवं आवास विभाग को सौंप दिया है। उस रिपोर्ट के आधार पर निकायों में आरक्षण और रोस्टर निर्धारण की प्रक्रिया तय की जानी है।

इधर सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों सारंडा को वाइल्ड लाइफ सेंचुरी घोषित करने के लिए राज्य सरकार को सात दिनों का समय दिया था। पिछली सुनवाई 8 अक्तूबर को हुई थी। इस तरह 15 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गया समय पूरा हो रहा है। इसलिए कल कैबिनेट की बैठक में सारंडा पर भी विशेष मंथन की पूरी संभावना है। मालूम हो कि सारंडा पर आठ अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई में 57519.41 हेक्टेयर की जगह अब 31468.25 हेक्टेयर को सैंक्चुरी घोषित करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल) तथा अन्य और वैध माइनिंग लीज को सैंक्चुरी के प्रभाव क्षेत्र से मुक्त रखने का आदेश दिया है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन को लेकर अब तक विभागीय तैयारी पूरी नहीं है। सरकार के शीर्ष स्तर पर मंथन का ही दौर जारी है।
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