द फॉलोअप डेस्क
झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के कार्यकारी अध्यक्ष सह पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की ने गठबंधन की राज्य सरकार द्वारा विश्वविद्यालय सेवा आयोग के गठन एवं उर्दू शिक्षकों के नियुक्ति के निर्णय का स्वागत किया है। तिर्की ने कहा कि "राज्य सरकार का यह कदम सराहनीय है। विश्वविद्यालय सेवा आयोग के गठन से असिस्टेंट प्रोफेसर एवं विश्वविद्यालय के कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी आयेगी। विश्वविद्यालयों में भारी संख्या में असिस्टेंट प्रोफेसर एवं विश्वविद्यालय कर्मचारियों का पद रिक्त है। विश्वविद्यालय सेवा आयोग के गठन से सभी विश्वविद्यालयों के रिक्त पदों को आसानी से भरा जा सकेगा और झारखण्ड के लोगों को नौकरी का अवसर प्राप्त होगा। बडी संख्या में झारखण्ड के लोगों ने नेट पास एवं पीएचडी किये हुए हैं। ऐसे में राज्य के विश्वविद्यालयों में झारखण्ड के आदिवासी एवं मूलवासियों को अवसर मिलेगा"।.jpg)
तिर्की ने कहा कि "11 जुलाई 2024 को माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी को विश्वविद्यालय आयोग गठन के संबध में पत्र प्रेषित किया था। जिसमें माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित नवीनतम निर्णय के आलोक में झारखण्ड विश्वविद्यालय सेवा नियमावली में संशोधन कर ऐसा प्रावधान किया जाय कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के किसी भी विश्वविद्यालय में कुलपति की नियुक्ति की जा सके। जिससे विश्वविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में कठिनाईयों का सामना न करना पडे़"।
तिर्की नें प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अनुरोध किया है कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में उनको ही कुलपति नियुक्त किया जाय जो झारखण्डवासी हो चाहे वह देश के किसी भी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर पद पर सेवा दे रहें हों. वैसे व्यक्ति को ही प्रदेश के विश्वविद्यालयों में कुलपति बनने का अवसर प्राप्त होना चाहिए।
इस संदर्भ में तिर्की ने 9 जुलाई 2025 को राज्यपाल को पत्र के माध्यम से सुझाव भी दिया था।