जामताड़ा:
मिहिजाम के नगर परिषद क्षेत्र (वार्ड नंबर 20) में बन रहा बहुप्रतीक्षित मिहिजाम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स (फुटबॉल स्टेडियम) पहली ही परीक्षा में फेल हो गया है। झारखंड सरकार के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी द्वारा कभी 'वर्ल्ड क्लास' और आधुनिक सुविधाओं से लैस बताए जाने वाले इस स्टेडियम की चहारदीवारी निर्माण के शुरुआती दौर में ही भरभराकर गिर गई। करोड़ों रुपये की लागत से स्थानीय खेल प्रतिभाओं को निखारने का सपना अब भ्रष्टाचार, घटिया सामग्री और विभागीय लापरवाही की धूल में दबता नजर आ रहा है।

उपायुक्त ने पिछले दिनों किया था औचक निरीक्षण
हैरानी की बात यह है कि दीवार गिरने से कुछ ही दिन पहले जिले के उपायुक्त (DC) आलोक कुमार ने कार्यस्थल का औचक निरीक्षण किया था। उन्होंने निर्माण की खराब गुणवत्ता को लेकर खुलकर नाराजगी जताई थी और सख्त निर्देश दिए थे। इसके बावजूद न तो ठेकेदार की सेहत पर असर पड़ा और न ही संबंधित विभागीय अधिकारियों ने कोई सुधार कराया। नतीजतन, बिना किसी उपयोग के ही स्टेडियम की नई दीवार जमींदोज हो गई।
इतना ही नहीं, परिसर के अन्य हिस्सों में बनी दीवारें भी झुक चुकी हैं, जो कभी भी किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती हैं।
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब कनीय अभियंता (JE) सत्यप्रकाश दास से इस संबंध में संपर्क करने की कोशिश की गई, तो वे सवाल सुनते ही फोन काट दिया।

स्थानीय लोगों में घटिया निर्माण से नाराजगी
शिलान्यास के समय बड़े-बड़े मंचों से अंतरराष्ट्रीय स्तर के दावे करने वाले जनप्रतिनिधियों की साख पर इस ढहती दीवार ने सीधे सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां के स्थानीय युवाओं और खेल प्रेमियों में इस घटिया निर्माण को लेकर भारी आक्रोश है। क्षेत्र की जनता ने अब इस पूरे निर्माण घोटाले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने और लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।