logo

रांची : प्रधानमंत्री को अपनी गायिकी से भावुक कर करने वाले कव्वाल रिसालदार बाबा के सालाना उर्स में बिखेरेंगे जलवा

urs_1.jpg

रांची :

बहे खून जो मेरा चमन के लिए-चमन के लिए, मेरी जान जाए वतन के लिए… कव्वाली के इन बोलों को सुनकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भावुक हो गए थे। मौका था राज्यसभा की सदस्यता से निवृत हो रहे सदस्यों की विदाई को लेकर आयोजित कार्यक्रम का। उन्होंने कव्वाल के इस कव्वाली पर तालियां भी बजाई थीं। वही कव्वाल यानि दिल्ली के चांद कादरी अपनी गायिकी का जलवा इस साल 13 से 17 अक्टूबर तक चलने वाले हजरत कुतुबुद्दीन रिसालदार बाबा के उर्स के दौरान बिखेरेंगे। बताते चलें कि डोरंडा स्थित रिसालदार बाबा दरगाह परिसर में 2 वर्ष बाद उर्स धूमधाम से मनाया जाएगा। इसकी तैयारी भी शुरू हो गई है। यह 215वां सालाना उर्स है। उर्स के संबंध में 2 अक्टूबर को रिसालदार बाबा दरगाह कमेटी के अध्यक्ष हाजी अब्दुल रऊफ गद्दी, महासचिव मो. फारूक और प्रवक्ता नसीम गद्दी ने प्रेस कांफ्रेंस कर जानकारी दी।

पांच दिवसीय उर्स में इस प्रकार होंगे कार्यक्रम

- 13 अक्टूबर को शाही संदल चादर पोशी की जाएगी। सुबह 8 बजे परचम कुशाई होगी। हाजी अब्दुल रऊफ गद्दी के मकान से 3 बजे शाही संदल चादर निकलेगी और 4:30 बजे दरगाह में चादरपोशी होगी।

-14 अक्टूबर को कौशर जानी, कलाम नाजा, बड़े नवाब वारसी, आरिफ नवाज, जबीउल्ला जानी, आजाद अली वारसी और शहंशाह ब्रदर कव्वाल के बीच कव्वाली मुकाबला होगा।

-15 अक्टूबर को मजार शरीफ परिसर में खानकाही कव्वाली होगी।

-16 अक्टूबर को कमेटी के महासचिव मो. फारुक के मकान से शाही संदल चादर निकलेगी और 4:00 बजे दरगाह में चादरपोशी होगी। साथ ही मो. फारुख के मकान पर दिल्ली के चांद कादरी और मुंबई के मुराद आतिश कव्वाली पेश करेंगे। जबकि, रात में उर्स मैदान में दोनों के बीच रातभर कव्वाली का मुकाबला होगा।

-17 अक्टूबर को फातिहा खानी, मिलाद, लंगर और पंज सुरह पढ़कर इसाले सवाब किया जाएगा। दिल्ली के चांद कादरी और मुंबई के मुराद आतिश के बीच रातभर कव्वाली का मुकाबला होगा।

दूसरे राज्यों से भी आते हैं अकिदतमंद

रिसालदार बाबा के उर्स में झारखंड व बिहार ही नहीं छत्तीसगढ़, बंगाल और अन्य राज्यों से भी अकिदतमंद आते हैं। इन अकिदतमंदों में सभी धर्म के लोग शामिल हैं। दरगाह कमेटी की ओर से दूसरे राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के  रहने और खाने की विशेष व्यवस्था की जा रही है। इस संबंध में कमेटी के पदाधिकारियों का कहना है कि दो साल बाद भव्य तरीके से उर्स का आयोजन हो रहा है। इसलिए तैयारियों में किसी प्रकार की कमी नहीं होगी। लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए ने जिला प्रशासन और नगर निगम से कमेटी ने सहयोग मांगा है। वहीं, अपने स्तर से सुरक्षा को लेकर पूरा मेला परिसर में सीसीटीवी कैमरा भी लगाया जाएगा।

स्कूल का संचालन करेगी दरगाह कमेटी

रिसालदार बाबा दरगाह कमेटी ने सरकार से स्वास्थ्य और शिक्षा को लेकर सहयोग करने की मांग की है। कमेटी की मांग है कि रिसलदार बाबा स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था बेहतर की जाए। वहीं, दरगाह परिसर में बने मुसाफिर खाना के ऊपर भवन निर्माण कराने की मांग सरकार से की है। कमेटी का कहना है कि उक्त भवन मे स्कूल खोलने की योजना बनाई गई है। ताकि, गरीब बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके।