द फॉलोअप डेस्क, रांची:
झारखंड में नवनियुक्त सहायक आचार्यों को उनके बकाया वेतन का भुगतान जल्द होगा। झारखंड के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इस आशय का संशोधित आदेश जारी किया है। प्राथमिक शिक्षा निदेशालय के निदेशक मनोज कुमार रंजन ने पत्र जारी किया है, जिसमें साफ लिखा है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के बकाया वेतन के भुगतान में अब किसी प्रकार की बाधा नहीं रहेगी। विभाग ने जानकारी दी है कि पहले 15 अप्रैल 2026 को जारी आवंटन आदेश की एक शर्त की वजह से नवनियुक्त सहायक आचार्यों को पूर्व अवधि के वेतन भुगतान में दिक्कत आ रही थी। विभिन्न जिलों से इस संबंध में शिकायतें मिली तो सरकार ने शर्त में संशोधन करने का फैसला किया।

सहायक आचार्यों के वेतन भुगतान तक सीमित रहेगा आदेश
प्राथमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी नए आदेश के मुताबिक नवनियुक्त सहायक आचार्यों का वित्तीय वर्ष 2025-26 का बकाया वेतन भी स्वीकृत आवंटित राशि से भुगतान किया जा सकेगा। हालांकि, यह निर्णय केवल नवनियुक्त सहायक आचार्यों के वेतन भुगतान तक ही सीमित रहेगा। बाकी सभी वेतन भुगतान संबंधित नियम और दिशा-निर्देशों के मुताबिक पहले की तरह ही लागू रहेंगे। विभाग ने सभी संबधित निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि संशोधित आदेश का पालन करते हुए सहायक आचार्यो को वेतन का भुगतान करना सुनिश्चित करें। इस प्रस्ताव को विभागीय सचिव की स्वीकृति भी मिल चुकी है।

15 अप्रैल 2026 को जारी आवंटन आदेश में शर्त क्या थी
गौरतलब है कि बीते 15 अप्रैल को जारी आवंटन आदेश में यह शर्त रखी गई थी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 और उससे पहले के बकाया वेतन का भुगतान तब तक नहीं किया जा सकता था, जब तक प्राथमिक शिक्षा निदेशक का अलग से आदेश नहीं मिल जाता। इसमें अपवाद स्वरूप यह प्रावधान किया गया था केवल हाईकोर्ट के आदेश वाले मामलों में ही 15 नवंबर 2000 यानी झारखंड गठन से पहले के बकाया वेतन का भुगतान इस शर्त से अलग किया गया था। हालांकि, अब सहायक आचार्यों के संदर्भ में विभाग ने आदेश में संशोधन किया है।

सहायक आचार्यों के संदर्भ में निदेशक का आदेश जरूरी नहीं
अब सोमवार (13) जुलाई को जारी पत्र में इस शर्त को नवनियुक्त सहायक आचार्यों के वेतन भुगतान के मामले में प्रभावी नहीं रहने का निर्णय लिया गया है। इसका मतलब यह हुआ कि वित्तीय वर्ष 2025-26 का उनका बकाया वेतन आवंटित राशि से सीधे भुगतान किया जा सकेगा। अब सहायक आचार्यों के बकाया वेतन का भुगतान करने के लिए अलग से निदेशक के आदेश की जरूरत नहीं होगी।