रांची
रांची के कांके में 26 जुलाई को हुए पेट्रोल अटैक मामले की साजिश की परतें पुलिस जांच में खुलकर सामने आ गई हैं। DIG सह SSP चंदन कुमार सिन्हा के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने जांच के बाद बताया कि यह हमला असली नहीं, बल्कि पूरी तरह से सुनियोजित साजिश थी, जिसे खुद पीड़िता सोनाली राय, उसका प्रेमी गणेश सिंह और जेल में बंद अपराधी भैरव सिंह ने मिलकर अंजाम दिया।
जांच में सामने आया कि 23 जुलाई की रात सोनाली और गणेश एक होटल में ठहरे थे, जहां सोनाली के मोबाइल से 'पवन' नाम से फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाकर खुद ही धमकी भरे मैसेज भेजे गए। इन मैसेज में जान से मारने की धमकी और कुछ फोटो पोस्ट किए गए थे, ताकि इसे एक गंभीर हमला दिखाया जा सके।

जेल से रची गई साजिश, मकसद था विरोधी गुट को फंसाना
पुलिस के अनुसार, इस पूरी साजिश का मकसद पहले से दर्ज एक केस में कानूनी कार्रवाई से बचना और प्रतिद्वंद्वी गुट को फंसाना था। चुटिया थाना में दर्ज कांड (संख्या 125/25) में गणेश और भैरव आरोपी हैं। भैरव इस समय न्यायिक हिरासत में है। दोनों ने मिलकर यह योजना बनाई ताकि अमन चंद्रा और उसके कथित गिरोह पर पलटवार किया जा सके।

तरल फेंकने वाला युवक भेजा गया
गणेश की पूछताछ में पता चला कि भैरव ने जेल से ही एक अज्ञात लड़के को भेजकर सोनाली पर हानिकारक तरल पदार्थ फिंकवाया। इसके तुरंत बाद सोनाली को पहले से तय अस्पताल ले जाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि यह सबकुछ विरोधी गुट को झूठे केस में फंसाने की रणनीति का हिस्सा था।
पुलिस ने प्रेमी को किया गिरफ्तार, सोनाली पर भी शक
एसआईटी ने कार्रवाई करते हुए गणेश सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और सोनाली की भूमिका की भी जांच की जा रही है। घटना में इस्तेमाल दोनों मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं। तरल पदार्थ फेंकने वाले युवक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
